एक तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे हैं, वहीं दूसरी तरफ यूरोपीय यूनियन ने यूक्रेन के लिए एक बहुत बड़े सहायता पैकेज का ऐलान कर दिया है। यूरोपीय यूनियन ने यूक्रेन को 6 बिलियन और 50 करोड़ यूरो यानी 67575 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सहायता राशि देने का फैसला किया है। यह पैसा यूक्रेन को ऐसे समय में दिया गया है जब वह रूस के साथ भीषण युद्ध में उलझा हुआ है। इस सहायता राशि का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन को आधुनिक ड्रोन और मिसाइलें खरीदने में सक्षम बनाना है ताकि वह अपनी रक्षा प्रणाली को और मजबूत कर सके।
यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के लिए बड़ा निवेश
यूरोपीय यूनियन की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पैकेज में से 6 बिलियन और 10 करोड़ यूरो की राशि विशेष रूप से यूक्रेन की हवाई क्षमता को बढ़ाने के लिए आवंटित की गई है। इस धन का उपयोग करके यूक्रेन अब रूस के अंधाधुंध हमलों से अपने आसमान की बेहतर सुरक्षा करने के लिए आवश्यक पैट्रियट उपकरण भी खरीद सकता है। यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वे यूक्रेन को मदद देना जारी रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे यूरोप की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना यूरोप को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है।
कनाडा ने भी बढ़ाई मदद का हाथ
यूक्रेन को सैन्य सहायता देने की दौड़ में कनाडा भी पीछे नहीं है। 10 सितंबर को कनाडा ने यूक्रेन को 2420 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने पर अपनी सहमति जताई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सहायता के पीछे का तर्क देते हुए कहा कि यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कार्नी ने आगे कहा कि जैसे-जैसे रूस नागरिक आबादी को अंधाधुंध निशाना बनाते हुए अपने बर्बर हवाई युद्ध को तेज कर रहा है, वैसे-वैसे यूक्रेन की हवाई रक्षा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह राशि यूक्रेन को रूसी हमलों का मुकाबला करने में मदद करेगी।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय नई दिल्ली में हैं, जहां वे ब्रिक्स मीटिंग में शामिल होने आए हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान पुतिन भारत के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता में भी हिस्सा लेंगे। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यह दूसरा मौका है जब पुतिन नई दिल्ली के दौरे पर आए हैं। इससे पहले पुतिन 2025 के दिसंबर महीने में नई दिल्ली आए थे। पुतिन की इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि एक तरफ वे कूटनीतिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके विरोधी यूक्रेन को हथियारों से लैस कर रहे हैं।
युद्ध की वर्तमान स्थिति और प्रभाव
रूस और यूक्रेन के बीच यह खूनी संघर्ष फरवरी 2022 से लगातार चल रहा है। इस लंबी लड़ाई में अब तक दोनों पक्षों के लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्ध के दौरान रूस ने यूक्रेन के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया है। हालांकि, यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है और वह गोरिल्ला युद्ध के जरिए लगातार रूस पर बड़े हमले कर रहा है। यूरोपीय यूनियन और कनाडा से मिली यह नई आर्थिक और सैन्य मदद यूक्रेन को युद्ध के मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
