रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच से G7 देशों का जमकर मजाक उड़ाया और वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की बढ़ती ताकत का लोहा मनवाया। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि वे खुद को G7 क्यों कहते हैं, जबकि ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है और उनकी हिस्सेदारी हमसे कम है। पुतिन का यह सीधा तंज कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों पर था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दुनिया में विकास के नए इंजन पैदा हो रहे हैं और वैश्विक शक्ति का संतुलन बदल रहा है।
दुनिया में बदलाव की नई हकीकत
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया हमेशा बदलती रहती है और यही पिछले 5 साल की सबसे बड़ी सच्चाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया इस समय बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रही है और मानवता की भलाई के लिए यह बदलाव बहुत जरूरी है। पुतिन के अनुसार, ब्रिक्स के पास ऐसी संरचनाएं और संस्थाएं हैं जहां बेहतरीन शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाता है, जो मानवता और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव को अब कोई रोक नहीं सकता है और ब्रिक्स देशों में बड़े स्तर पर शहरीकरण हो रहा है और बड़ी-बड़ी वैश्विक कंपनियां तैयार हो रही हैं जो भविष्य की दिशा तय करेंगी।
ब्रिक्स की वैश्विक हिस्सेदारी और व्यापार
पुतिन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में हुई ज्यादातर वृद्धि ब्रिक्स देशों की वजह से हुई है। पुतिन ने कहा कि हमारे बाजार काफी बड़े हैं और लगातार विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने G7 पर फिर से निशाना साधते हुए कहा कि हमारा हिस्सा 40 प्रतिशत है जबकि उनका हिस्सा हमसे कम है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दुनिया का 40 प्रतिशत व्यापार अब ब्रिक्स देशों के बीच हो रहा है। पुतिन ने कहा कि यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई पहचान बन चुका है।
परमाणु ऊर्जा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
रूस की ताकत का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में रूस की कंपनी दुनिया में सबसे बड़ी है। उन्होंने प्रतिस्पर्धा के महत्व पर बात करते हुए कहा कि जब भी कोई प्रतिस्पर्धा होती है तो वह बहुत अहम होती है और उन्होंने उन देशों की आलोचना की जो पुराने समय में खुद को बड़ी कंपनियों का मालिक मानते थे और अब अपनी खोई हुई अहमियत वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि रूस ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और आज हमारे देश से बहुत बड़े स्तर पर वैश्विक प्रतिस्पर्धा हो रही है।
अमेरिका और प्रतिबंधों पर तीखा प्रहार
व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के संदर्भ में अमेरिका पर निशाना साधा और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाया जाता है और जहाजों पर हमले होते हैं, तो यह सब केवल अपने हितों की रक्षा के लिए किया जाता है। पुतिन ने कहा कि जो देश दूसरों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, वे खुद औद्योगिक खामियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने उन्हीं देशों के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कई देशों के औद्योगिक उत्पादन में 8 प्रतिशत की कमी आई है। पुतिन के अनुसार, उन देशों की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है क्योंकि वे वास्तविकता से मुंह मोड़ रहे हैं।
कारोबारी कूटनीति और ब्रिक्स का भविष्य
अपने भाषण के अंत में पुतिन ने कहा कि जब रूस अपने देश का विकास करता है और कारोबारी कूटनीति का सहारा लेता है, तो रूसी व्यापारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी ढूंढना बहुत आसान हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स किसी भी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह केवल अपने सदस्यों के हितों के लिए काम करता है। पुतिन ने कहा कि रूस सभी देशों और अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ब्रिक्स को एक ऐसा तंत्र बताया जो न केवल कारोबार को बढ़ावा देता है बल्कि बिजनेस करने के लिए एक बेहतरीन और सुरक्षित प्लेटफॉर्म भी प्रदान करता है।
