प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर जिले के कायड़ विश्रामस्थली में आयोजित एक समारोह के दौरान राज्य को ₹5,235 करोड़ की लागत वाली 9 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों का सुदृढ़ीकरण, नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण और शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगमता के लिए एलिवेटेड रोड शामिल हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन विकास कार्यों का उद्देश्य राजस्थान के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन क्षेत्रों को नई गति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर रिमोट का बटन दबाकर इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
जयपुर और जोधपुर के लिए एलिवेटेड रोड परियोजनाएं
शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने जयपुर और जोधपुर शहरों के लिए महत्वपूर्ण एलिवेटेड रोड परियोजनाओं की आधारशिला रखी। जोधपुर शहर में महामंदिर से आखलिया चौराहा तक ₹1,243 करोड़ की लागत से फोरलेन एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना शहर के व्यस्ततम इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने में सहायक होगी और इसी प्रकार, जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में ₹287 करोड़ की लागत से एक नए एलिवेटेड रोड का शिलान्यास किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से शहरी क्षेत्रों में यात्रा के समय में भारी कमी आएगी और स्थानीय निवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और प्रमुख राजमार्गों का विस्तार
कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बांदीकुई से जयपुर तक ₹1,208 करोड़ की लागत से फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे को जयपुर से सीधे जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी और राजस्थान की राजधानी के बीच की दूरी और समय कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, एनएच-76 के जंक्शन से उम्मेदपुरा गांव के निकट एनएच-12 के जंक्शन तक ₹1,114 करोड़ की लागत से आठ लेन कैरिज-वे का निर्माण किया गया है। यह परियोजना माल ढुलाई और वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा साबित होगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास
प्रधानमंत्री ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया। इसमें देवगढ़ से राजस्थान-गुजरात सीमा तक ₹546 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का प्रथम चरण शामिल है। जैसलमेर में साम-धनाना रोड के चौड़ाईकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए ₹110 करोड़ खर्च किए गए हैं, जो सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-89 (नया एनएच-58) के अजमेर-नागौर सेक्शन को ₹190 करोड़ की लागत से दो लेन में अपग्रेड किया गया है। शाहपुरा से थानागाज़ी तक एनएच-248ए पर ₹103 करोड़ की लागत से पक्के शोल्डर के साथ सड़क का निर्माण किया गया है।
औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र पर बुनियादी ढांचे का प्रभाव
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें केवल सफर आसान नहीं करतीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल देती हैं और अधिकारियों के अनुसार, बारां और सवाई माधोपुर जिलों में ₹434 करोड़ की लागत से बनने वाली नई सड़कें इन क्षेत्रों के कृषि और व्यापारिक उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेंगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से राजस्थान के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि की संभावना है और प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब गांव-गांव तक अच्छी सड़कें पहुंचती हैं, तो किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलता है और व्यापारियों के लिए रसद लागत कम हो जाती है।
डबल इंजन सरकार के दो वर्ष और विकास का रोडमैप
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उल्लेख किया कि राजस्थान में भाजपा की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर विकास की गति को और तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि आज राजस्थान में कुल ₹17,000 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, जिनमें से सड़क परियोजनाएं एक प्रमुख हिस्सा हैं। सरकार के अनुसार, ये प्रोजेक्ट्स राजस्थान की जनता की सुविधाओं में विस्तार करेंगे और राज्य को विकास के नए पथ पर अग्रसर करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर राजस्थान की विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
