नई दिल्ली | एक लड़की अपने होने वाले पति में क्या ढूंढती है? प्यार, विश्वास, अच्छी नौकरी, सांझे सपने, रुचियां, लक्ष्य और कई बार जीवन साथी में अच्छे सेंस ऑफ ह्यूमर की तलाश भी होती है. लेकिन हम कभी बेसिक सुविधाओं की बात नहीं करते क्योंकि हमें लगता है यह तो होगा ही. दुर्भाग्यवश्स भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाएं आधारभूत सुविधाओं के लिए भी तरसती हैं. ऐसे में सरकार कई बार ज़रा हटके तरीकों से हालात सुधारने की कोशिश करती है.
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के संभल जिले के एसडीएम (SDM) ने लोगों से कहा है कि अगर वे खुद से टॉयलेट नहीं बनवा सकते हैं तो उन्हें करवा चौथ (Karva Chauth) वाली सेल्फी पोस्ट करनी होगी और बदले में उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत टॉयलेट बनवाकर दिया जाएगा.
Dipendra Yadav, Sambhal Sub Divisional Magistrate (SDM) asks residents under his jurisdiction to post selfies on #KarvaChauth, selfies will be identified & residents who don't have personal toilets, will be provided toilets by the administration under the Swachh Bharat Mission.
— ANI UP (@ANINewsUP) October 16, 2019
खबरों के मुताबिक करवा चौथ सेल्फी संभल जिले के पंचायत ऑफिसर, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, म्यूनिसिपल कॉपोरेशन और ब्लॉक डेवल्पमेंट ऑफिसर यानी बीडीओ के पास भेजनी होंगी. इससे अधिकारी यह पता लगा पाएंगे कि जिनके पास टॉयलेट बनवाने के साधन नहीं हैं उन्हें सुविधा मुहैया कराई जा सके.
लोगों का एसडीएम का यह आइडिया खूब पसंद आया और ट्विटर पर लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की:
बहरहाल, हम उम्मीद करते हैं कि अगर इस तरह गांवों तक आधारभूत सुविधाएं पहुंच सकती हैं तो ऐसे प्रयासों का स्वागत होना चाहिए.
