भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में की गयी अपनी विवादित टिप्पणी के लिए शुक्रवार को सदन में माफी मांगी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। हालांकि कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनके बयान पर पुरजोर विरोध जताया और प्रदर्शन जारी रखा। वहीं, प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि वे आतंकी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
बिना राहुल गांधी का नाम लिए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा। तत्कालीन सरकार ने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा था। मेरे खिलाफ अदालत में कोई आरोप साबित नहीं हुआ। मुझे एक संन्यासी, महिला और सांसद होने के बाद भी आतंकी कहकर अपमानित करने का प्रयास किया गया।
#WATCH "I apologise If I have hurt any sentiments. My statements being distorted, taken out of context. A member of the House referred to me as 'terrorist' without proof. It is an attack on my dignity," BJP MP Pragya Singh Thakur in Lok Sabha pic.twitter.com/2cYY87uoid
— ANI (@ANI) November 29, 2019
गौरतलब है कि प्रज्ञा के लोकसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट किया था, 'आतंकवादी प्रज्ञा ने आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बताया। यह भारत के संसद के इतिहास का एक दुखद दिन है।'
प्रज्ञा ने यह भी कहा कि देश के लिए महात्मा गांधी के सेवाकार्यों का वह सम्मान करती हैं लेकिन अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं होने के बाद भी एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा।
भोपाल से भाजपा सदस्य प्रज्ञा ने कहा, 'बीते घटनाक्रम में मेरी टिप्पणी से किसी को किसी भी प्रकार की ठेस पहुंची हो तो मैं खेद जताते हुए क्षमा चाहती हूं।' उन्होंने कहा कि संसद में दिये गये उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया जो निंदनीय है। प्रज्ञा ने कहा, 'मेरे बयान का संदर्भ अलग था।'
प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे। भाजपा के सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बचाव में खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है। इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा 'मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए।' बिरला ने कहा, 'गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है।'
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।