रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में दिए गए अपने बयानों में एक बार फिर स्पष्ट किया है कि रूस अभी भी बातचीत करने और यूक्रेन के साथ जारी तनाव का समाधान खोजने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूसी पत्रकार पावेल जारुबिन के साथ एक विस्तृत बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे और इस चर्चा के दौरान उन्होंने दुनिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रूस किस प्रकार इस जटिल कूटनीतिक और सैन्य संकट का अंत चाहता है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका अब त्रिपक्षीय संपर्क फिर से शुरू करने पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं।
बातचीत और शांति समझौतों पर पुतिन का रुख
अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधि के साथ बातचीत के संबंध में अपनी बात रखते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मीडिया को बताया कि हां, हम इस बात पर पूरी तरह सहमत हुए हैं कि हम अपने त्रिपक्षीय संपर्क फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं। इन वार्ताओं का मुख्य और अंतिम उद्देश्य किसी एक पक्ष की जीत या कुछ समय के लिए केवल लड़ाई रोकने के संदर्भ में नहीं होगा, बल्कि एक अंतिम शांति समझौते के बाद यूक्रेन और रूस दोनों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा करना होगा। हम इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन संपर्कों को जल्द से जल्द फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
भविष्य की सुरक्षा और यूरोपीय सुरक्षा ढांचा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रूसी राष्ट्रपति ने इस बात का भी खुलासा किया कि अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधि ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया है कि अगर हमें यूक्रेन और रूस दोनों की भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करनी है, तो स्वाभाविक रूप से, हमें केवल द्विपक्षीय मामलों तक सीमित न रहकर पूरे यूरोपीय सुरक्षा ढांचे पर भी विस्तार से चर्चा करनी होगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पुतिन ने कहा कि वह इस प्रस्ताव से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि खैर, अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह पूरी स्थिति कैसे आगे बढ़ती है और कूटनीतिक मोर्चे पर क्या नए कदम उठाए जाते हैं।
युद्ध के उद्देश्यों और समझौतों पर स्पष्टीकरण
व्लादिमीर पुतिन ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हम किसी न किसी समझदारी भरे समझौते पर पहुंच सकते हैं, लेकिन अगर कोई पक्ष इसे अलग तरह से देखना या चलाना चाहता है, तो ठीक है, यह रास्ता अलग होगा और लेकिन किसी भी परिस्थिति में, हम अपने तमाम रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करके ही रहेंगे, और हमारे इस विशेष सैन्य अभियान के सभी निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरे किए जाएंगे। पुतिन ने यह भी दावा किया कि रूस ने हमेशा से ही एक शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है, जबकि इसके विपरीत यूक्रेन ही वह पक्ष रहा है जिसने इस पूरे युद्ध की शुरुआत की थी।
2014 से लेकर अब तक के ऐतिहासिक संदर्भ
पुतिन ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि हमने हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है, और वह भी बिल्कुल शुरुआत से ही। हमने साल 2014 में भी इस बारे में खुलकर बात की थी और कहा था कि आइए, हम यूक्रेन के उस दक्षिण-पूर्वी हिस्से के साथ एक बेहतर समझौता करने में आपकी मदद करते हैं। लेकिन उन्होंने हमारी इस बात को नहीं माना और इसके बजाय आम नागरिकों के खिलाफ बंदूकों और लड़ाकू विमानों का खुलकर इस्तेमाल किया। उन्होंने असल मायनों में एक भीषण युद्ध छेड़ दिया था। इसके बाद तमाम मिन्स्क समझौते सामने आए और हम हमेशा से यही चाहते थे कि वे यूक्रेन के उस हिस्से के साथ कोई समझौता करें जो वर्ष 2014 के तख्तापलट से बिल्कुल सहमत नहीं था। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को भी पूरी तरह ठुकरा दिया।
डोनबास और आनुवंशिक शोध का विशेष जिक्र
अपनी बात को जारी रखते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि फिर, डोनबास के आम लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले, हमने उनसे यह भी कहा था कि आइए, किसी भी तरह की ज्यादती से बचें और आपस में मिलकर कोई शांतिपूर्ण समझौता कर लें, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नहीं, हम लड़ेंगे। ठीक है, हमने उनकी इस बात को भी देख लिया। उन्होंने आगे कहा कि मैं यह विशेष रूप से कहना चाहता हूं कि हम अभी भी बातचीत करने और इस मुश्किल और जटिल स्थिति का समाधान खोजने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि ये लोग हमारे बहुत करीब हैं, आप इस बात को अच्छी तरह समझते हैं न और हाल ही में हुए आनुवंशिक शोध से यह बात पूरी तरह साबित होती है कि रूसी और यूक्रेनी वास्तव में एक ही लोग हैं। ठीक है, अगर कुछ लोग इस सच्चाई से अलग तरह से सोचना चाहते हैं, तो वे सोच सकते हैं। हमें इससे किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। ऐतिहासिक रूस का पूरा इतिहास इसी तरह आगे बढ़ा है, और आज की कड़वी सच्चाई भी यही है। अंत में पुतिन ने कहा कि हर बात पर आपसी सहमति बन सकती है, बशर्ते सही नीयत हो।
