कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने देश के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक हालातों पर विस्तार से चर्चा की। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी सर्वोपरि है और वह हर भारतीय की आवाज की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार देश की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
आरएसएस और अभिव्यक्ति की आजादी पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पर टिप्पणी करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने एक्सप्रेशन को दबाना नहीं है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि जिस दिन आरएसएस के एक्सप्रेशन को देश से खत्म करने की बात होगी, उस दिन मैं उनकी रक्षा करूंगा क्योंकि एक्सप्रेशन उनका भी है। उनका कहना था कि जिसके मन में जो हो, वह खुलकर बोले लेकिन कोई किसी को दबा नहीं सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या जैन, कोई भी व्यक्ति अपनी बात खुलकर कह सकता है। राहुल गांधी के अनुसार, जब देश का एक्सप्रेशन बाहर आएगा, तभी देश की ताकत पूरी दुनिया को दिखाई देगी, लेकिन वर्तमान सरकार देश के एक्सप्रेशन को ही मारने पर तुली है।
छोटे कारोबारियों और कॉर्पोरेट इंजेक्शन का मुद्दा
राहुल गांधी ने आरएसएस के इतिहास और उसके बदलते स्वरूप पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आरएसएस कभी छोटे-छोटे कारोबारियों की ताकत हुआ करता था, लेकिन आरएसएस ने ही नोटबंदी का समर्थन करके उन्हें धोखा दे दिया और उन्होंने आरोप लगाया कि गलत जीएसटी लाकर छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि आरएसएस में कॉर्पोरेट इंजेक्शन की शुरुआत प्रमोद महाजन ने की थी और फिर इसी रास्ते पर नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ने का काम किया और उनके अनुसार, अब सरकार का पूरा ध्यान केवल अपने पॉलिटिकल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और अडानी से पैसा लेने पर केंद्रित हो गया है।
भारत-चीन सीमा विवाद पर सरकार को घेरा
सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत को अपनी ही जमीन पर पैट्रोलिंग करने से मना कर दिया है, लेकिन सरकार ने इस खबर को दबाने का प्रयास किया और सीधे तौर पर देश का नुकसान किया। उन्होंने गलवान घाटी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने दावा किया था कि भारत की एक इंच भी जमीन किसी के कब्जे में नहीं है, जबकि सेना ने जमीन के कब्जे की बात कही थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब सेना ने चीन से बातचीत की, तो चीन की तरफ से कहा गया कि भारत के प्रधानमंत्री ही इस बात से इनकार कर चुके हैं कि कोई जमीन कब्जाई गई है और उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश को हर तरफ से तबाह कर दिया है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर व्यक्तिगत हमले
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर व्यक्तिगत कटाक्ष भी किए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की बात सुनना नहीं चाहती है। राहुल गांधी ने दावा किया कि आजकल नरेंद्र मोदी रात में सोते नहीं हैं और इसके कई कारण हैं, जिनमें से कुछ जाहिर हैं और कुछ छिपे हुए हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें चाणक्य और सरदार पटेल कहा जाता है, वे गायब हो गए और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। राहुल गांधी ने विश्वास जताया कि अब इस सरकार को समझ आ गया है कि यह देश अपने आपको एक्सप्रेस करने से नहीं रोकेगा।
