राजस्थान के बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है। 27 जुलाई को जारी इस निर्देश के अनुसार, कक्षा 10 और कक्षा 12 के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा परिणामों को शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं ताकि राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों का डेटा डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित किया जा सके।
अतिरिक्त निदेशक के कड़े निर्देश
अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि अब तक कई विद्यालयों ने परीक्षा परिणाम की प्रविष्टि और उसे लॉक करने का कार्य पूरा नहीं किया है। निदेशालय की निरंतर निगरानी में यह बात सामने आई है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई संस्था प्रधानों और विषयाध्यापकों ने इस महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई बरती है और शैलेन्द्र देवड़ा ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर डेटा का 100 प्रतिशत उपलब्ध होना प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी।
पूर्व में जारी किए गए निर्देश और समयसीमा
निदेशालय की ओर से जानकारी दी गई कि इस संबंध में पहले भी दो बार विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके हैं। पहला निर्देश 8 जून 2026 को और दूसरा निर्देश 2 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। इन आदेशों में सभी राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे विषयाध्यापकों के माध्यम से विषयवार और विद्यालयवार बोर्ड परीक्षा परिणाम शाला दर्पण पोर्टल के 'रिजल्ट' टैब पर दर्ज करें। इसके लिए शुरुआती समयसीमा 15 जुलाई तय की गई थी, लेकिन लक्ष्य पूरा न होने के कारण अब इसे अंतिम अवसर के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
31 जुलाई तक का अंतिम अवसर और अधिकारियों की जिम्मेदारी
नए आदेश के तहत अब सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने अधीनस्थ आने वाले सभी विद्यालयों से 31 जुलाई 2026 तक कक्षा 10 और कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करवाएं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल डेटा प्रविष्टि करवाएं, बल्कि उसे पोर्टल पर लॉक भी करवाएं ताकि डेटा की शुद्धता बनी रहे। संस्था प्रधानों को भी अपने स्तर पर पाबंद किया गया है कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और निर्धारित तिथि से पहले इसे हर हाल में संपन्न करें।
लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
निदेशालय ने इस बार बेहद स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 की निर्धारित तिथि तक परीक्षा परिणाम शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड और लॉक नहीं किए जाते हैं, तो इसे राजकीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित संस्था प्रधान या जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और सभी छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड समय पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट हो जाए ताकि आगे की योजनाओं में कोई बाधा न आए।
