राजस्थान में सरस डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने दूध के सभी वेरिएंट्स के उपभोक्ता विक्रय मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह फैसला हाल ही में अमूल और मदर डेयरी द्वारा की गई कीमतों में वृद्धि के बाद आया है। डेयरी प्रशासन के अनुसार, यह नई दरें 21 मई 2026, गुरुवार की शाम की सप्लाई से पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगी। इस बढ़ोतरी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के लाखों दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक राहत देना और चिलचिलाती गर्मी के मौसम में दूध की पर्याप्त आवक बनाए रखना है।
सरस दूध की नई कीमतों का विवरण
दूध के दामों में हुई इस वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं को अपनी जेब अधिक ढीली करनी होगी।
- सरस ताजा दूध (टोंड): आधा लीटर का पैक अब 28 रुपये में मिलेगा, जबकि एक लीटर के लिए 56 रुपये चुकाने होंगे।
- सरस स्मार्ट दूध (डीटीएम): आधा लीटर का पैक 24 रुपये और एक लीटर का पैक 48 रुपये का हो गया है।
- सरस गोल्ड दूध: आधा लीटर के लिए 35 रुपये और एक लीटर के लिए 70 रुपये की कीमत तय की गई है।
- सरस स्टैंडर्ड दूध (शक्ति): आधा लीटर का पैक 31 रुपये और एक लीटर का पैक 62 रुपये में उपलब्ध होगा।
दूध के साथ-साथ डेयरी से जुड़े अन्य उत्पादों जैसे लस्सी, पनीर, दही और छाछ की कीमतों में भी आनुपातिक रूप से सीमित बढ़ोतरी की गई है। इससे डेयरी के पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो पर असर पड़ेगा।
पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा बड़ा फायदा
जयपुर डेयरी ने यह कदम केवल उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि पशुपालकों के हित में भी उठाया है और भीषण गर्मी के इस मौसम में राजस्थान के पशुपालकों के सामने पशु आहार, हरा चारा, बिजली, दवाइयों और मवेशियों के रखरखाव पर होने वाले खर्च में लगातार बढ़ोतरी की चुनौती बनी हुई थी। ऐसी परिस्थितियों में दुग्ध उत्पादकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य देना आवश्यक था। इसे ध्यान में रखते हुए जयपुर डेयरी ने दूध खरीद मूल्य में 25 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की वृद्धि की है। इस फैसले के बाद अब दुग्ध उत्पादकों को 850 रुपये प्रति किलोग्राम फैट के स्थान पर 875 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की दर से भुगतान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पशुपालकों को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की फिक्स राशि और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत मिलने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान पहले की तरह ही मिलता रहेगा। जयपुर डेयरी के इस निर्णय से जयपुर, कोटपूतली और दौसा जिले के लाखों दुग्ध उत्पादकों को हर महीने लगभग 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि गर्मी के कठिन मौसम में डेयरी में दूध का संकलन बढ़ाना भी सुनिश्चित हो सकेगा।
बढ़ती संचालन लागत बनी कीमतों में वृद्धि का कारण
उपभोक्ता मूल्य में की गई इस बढ़ोतरी के पीछे जयपुर डेयरी के प्रवक्ता ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती संचालन लागत का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों डीजल, एलडीओ, पेट्रोल, ऊर्जा, ट्रांसपोर्टेशन और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है। केवल पैकेजिंग और परिवहन व्यय में हुई इस वृद्धि से ही डेयरी पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आ गया था। प्रवक्ता के अनुसार, उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित दूध की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विक्रय मूल्य में यह सीमित वृद्धि करना अनिवार्य हो गया था।
