Jodhpur Ranji Trophy 2023: जोधपुर में 32 साल बाद बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में रणजी टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। इससे पहले मंगलवार सुबह आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत ने खिलाड़ियों से परिचय लिया और राजस्थान व छत्तीसगढ़ के बीच मैच की शुरुआत हुई। वहीं इससे पहले एक 1985 में इसी स्टेडियम में एक ही पारी में 10 विकेट लेने वाले बॉलर प्रदीप सुंदरम को सम्मानित किया गया।
वहीं इस मैच के साथ इंटरनेश्नल खिलाड़ी रवि बिश्नोई के शामिल नहीं करने पर विरोध शुरू हो गया है। उन्हें प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिल पाई है। क्रिकेट के जानकार इसे बीसीसीआई और टीम प्रबंधन का फैसला बता रहे हैं जबकि स्थानीय स्तर पर इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। जेडीए के पूर्व चेयरमैन महेंद्र राठौड़ और जेएनवीयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया पर इसकी मुहिम छेड़ दी|
“हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
— Ravindra Singh Bhati (@RavindraBhati__) January 17, 2023
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा”
तमाम भौगोलिक एवं आर्थिक विषमताओं को पार करते हुए देश और दुनिया में मारवाड़ का नाम रोशन करने वाले भाई रवि बिश्नोई के साथ हो रहे भेदभाव की खबरें बहुत ही निंदनीय है।@VaibhavGehlot80 @RajCMO pic.twitter.com/hHkGfJEEIp
रवि ही इस टीम में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो कि राजस्थान की ओर से इंटरनेशनल मैच खेले हुए हैं लेकिन अभी तक उनको रणजी का एक भी मैच नहीं खिलाया गया है।
इधर, चार दिवसीय रणजी मैच के पहले दिन राजस्थान की शुरुआत खराब रही, लेकिन मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजो ने संभाल लिया। एसके जोशी ने अपना पहला शतक जमाया| पहले दिन का खेल खत्म होने तक राजस्थान ने 85 ओवर में 8 विकेट खोकर 330 रन बना लिए।
सोशल मीडिया पर छाया मुद्दा
रवि बिश्नोई को प्लेइंग 11 में नहीं लेने पर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली। इसमें आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत को टारगेट करते हुए कहा गया कि उन्होंने जानबूझकर राजनीति करते हुए उन्हें प्लेइंग 11 से दूर रखा है। इसको लेकर कई ट्वीट भी हुए| भास्कर ने इस बारे में रवि बिश्नोई से बात करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने बीसीसीआई की गाइडलाइन का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार का बयान देने से इनकार कर दिया।
रिकॉर्ड बनाने वाले प्रदीप सुंदरम का स्वागत
प्रदीप सुंदरम ने इस दौरान 1985 के मैच का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने यहां रणजी मैच खेला था तब और अब के स्टेडियम में काफी बदलाव आ गया है। तब स्टेडियम में ना तो हरी घास थी और ना ही बैठने के लिए स्टैंड, कमेंटेटर्स के लिए भी एक मचान बनाया गया था जिस पर बैठकर मैच की कमेंट्री हुई थी।
प्रदीप ने बताया कि अब खिलाड़ियों के लिए काफी अवसर है क्योंकि पहले रणजी ट्रॉफी जोनल लेवल के हिसाब से खेली जाती थी और सिर्फ चार मैच ही खेले जाते थे| अगर क्वालीफाई करते थे तो अगले राउंड में पांचवा और छठा मैच खेलने को मिलता था। अब लीग में ही 7 मैच खेल सकते हैं और उसके बाद और संभावनाएं बढ़ जाती है।
जोधपुर में आएंगे और भी मैच
आरसीए के अध्यक्ष वैभव बातचीत में बताया कि यह हमारे लिए खुशी की बात है कि इसी मैदान पर रिकॉर्ड बनाने वाले प्रदीप सुंदरम उनके बुलावे पर वापस आए हैं। जोधपुर में लेजेंड्स क्रिकेट लीग और अब रणजी के बाद आने वाले दिनों में क्रिकेट मैचों की संख्या में और इजाफा होगा।
छत्तीसगढ़ ने राजस्थान को बुलाया पहले बल्लेबाजी के लिए
सुबह मैच की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़ ने टॉस जीता लेकिन राजस्थान को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। राजस्थान की शुरुआत भी कुछ अच्छी नहीं रही। सुबह 11 बजे तक 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 82 राजस्थान में बना लिए थे।
