बिहार में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन: सम्राट चौधरी बने पहले भाजपा मुख्यमंत्री, जदयू के दो डिप्टी सीएम

बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू हुआ जब सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। भाजपा के 46 साल के संघर्ष के बाद यह पहला मौका है जब पार्टी का अपना मुख्यमंत्री बना है। उनके साथ जदयू के विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। सम्राट चौधरी ने आज बिहार के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में सम्राट चौधरी की शपथ के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बिहार में अपनी सरकार बनाने का दशकों पुराना लक्ष्य पूरा हो गया। पिछले दो दशकों तक बिहार की सत्ता की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे। भाजपा के सियासी सफर में आज का दिन एक सुनहरा अध्याय बनकर जुड़ा है, क्योंकि यह राज्य में पहली बार है जब भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुआ है।

शपथ ग्रहण और नई सरकार का गठन

NDA विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था। आज सुबह 11 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ विधायक विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। इस सत्ता परिवर्तन में गठबंधन के संतुलन को बनाए रखने के लिए जदयू कोटे से दो उप-मुख्यमंत्री बनाए गए हैं।

भाजपा का 46 साल का संघर्ष और सम्राट का उदय

बिहार में जनसंघ और फिर भाजपा हमेशा से सक्रिय रही है, लेकिन यह पहला अवसर है जब पार्टी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की है। भाजपा पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन नेतृत्व हमेशा नीतीश कुमार के पास रहा। सम्राट चौधरी, जो महज 9 साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे, अपनी मुखर और आक्रामक छवि के लिए जाने जाते हैं।

डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव का सफरनामा

जदयू कोटे से डिप्टी सीएम बने बिजेंद्र यादव को 'कोसी का विश्वकर्मा' कहा जाता है।

डिप्टी सीएम विजय चौधरी का प्रोफाइल

विजय चौधरी को नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और थिंक टैंक का हिस्सा माना जाता है।

जातीय समीकरण और समारोह में शामिल दिग्गज

नई सरकार के गठन में जातीय गणित का पूरा ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय चौधरी भूमिहार समाज से और बिजेंद्र यादव ओबीसी (OBC) समाज से आते हैं। लोकभवन में आयोजित इस समारोह में भाजपा और एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें रविशंकर प्रसाद, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, नित्यानंद राय, अवधेश नारायण सिंह और अशोक चौधरी प्रमुख थे।

सम्राट चौधरी का राजनीतिक इतिहास

सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राजद (RJD) के साथ की थी और 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने और 2000 में पहली बार परबत्ता से विधायक चुने गए। 2013 में राजद से बगावत कर वे जदयू में शामिल हुए और 2014 में जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री बने। हालांकि, मांझी को हटाए जाने के समय बगावत करने पर उन्हें जदयू से सस्पेंड कर दिया गया था। 2017 में वे भाजपा में शामिल हुए और 2021 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री बने। 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया और 2024 व 2025 में उन्होंने डिप्टी सीएम का पद संभाला। 2025 के चुनाव में उन्होंने तारापुर सीट से जीत हासिल की थी।