Bangladesh Violence / बांग्लादेश में हिंदू महिला से गैंगरेप पर भड़के शिखर धवन, हिंसा को बताया अस्वीकार्य

बांग्लादेश में एक हिंदू महिला के साथ हुए गैंगरेप और उसे पेड़ से बांधने की क्रूर घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने गहरा दुख और गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने इस हिंसा को अस्वीकार्य बताया और न्याय की मांग की। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले चिंता का विषय बने हुए हैं।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने एक बार फिर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है और हाल ही में सामने आई एक वीभत्स घटना ने पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है, जब एक हिंदू महिला का कथित तौर पर गैंगरेप किया गया और फिर उसे बेरहमी से एक पेड़ से बांध दिया गया। इस अमानवीय कृत्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने बड़े पैमाने पर आक्रोश पैदा किया है।

शिखर धवन ने व्यक्त की गहरी चिंता

इस हृदय विदारक घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश में एक हिंदू विधवा पर हुए क्रूर हमले के बारे में पढ़कर उनका दिल टूट गया है। धवन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी के भी खिलाफ, कहीं भी ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती और उन्होंने पीड़ित के लिए न्याय और समर्थन की प्रार्थना की है। शिखर धवन अपनी सक्रिय सोशल मीडिया उपस्थिति के लिए जाने जाते हैं और अक्सर दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं पर अपनी राय व्यक्त करते रहते हैं। उनका यह बयान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता को दर्शाता है।

धवन का क्रिकेट करियर और सामाजिक सक्रियता

शिखर धवन, जिन्होंने साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह। दिया है, अभी भी दुनिया भर की विभिन्न लीगों में सक्रिय हैं। पिछले साल उन्हें कनाडा सुपर 60 में व्हाइट रॉक वॉरियर्स टीम का हिस्सा बनते देखा गया था। क्रिकेट के मैदान से बाहर भी, धवन सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने में संकोच नहीं करते। उनका यह कदम न केवल एक खिलाड़ी के रूप में उनकी पहचान को मजबूत करता है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका को भी उजागर करता है, जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है। उनके बयान ने इस मुद्दे को और अधिक प्रमुखता दी है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमले

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमले एक गंभीर मानवाधिकार संकट का संकेत देते हैं। पिछले साल शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दिसंबर से अब तक, बांग्लादेश में कम से कम 6 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है, जो समुदाय के लिए एक भयावह स्थिति को दर्शाता है। ये घटनाएं न केवल व्यक्तिगत त्रासदियां हैं, बल्कि बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाती हैं।

हालिया हिंसक घटनाओं का विवरण

हाल की कुछ घटनाओं में, 5 जनवरी को जेसोर जिले में एक हिंदू बिजनेसमैन और एक न्यूजपेपर के एडिटर राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसी दिन, 40 साल के हिंदू किराना दुकान के मालिक शरत मणि चक्रवर्ती की भी मौत हो गई। इससे पहले, 3 जनवरी को, 50 साल के खोकन चंद्र दास की शरियतपुर जिले में बेरहमी से हमला करने और आग लगाने के बाद मौत हो गई थी। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार खतरे में जी रहा है और उन्हें अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इन क्रूर हत्याओं ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव

इन आंतरिक समस्याओं के बीच, भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंध भी पिछले कुछ महीनों में तनावपूर्ण रहे हैं। क्रिकेट के क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिला है। हाल ही में, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रैंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया। इसके जवाब में, बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए अपनी टीम को भारत भेजने से ही इनकार कर दिया और यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच संबंधों में आई खटास को उजागर करता है।

ICC की मध्यस्थता और भविष्य की चुनौतियां

अब, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को मनाने में लगा हुआ है, ताकि T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन तय समय पर बिना किसी असुविधा के हो सके। यह स्थिति दर्शाती है कि राजनीतिक और सामाजिक तनाव का असर खेल कूटनीति पर भी पड़ रहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भारत के साथ बिगड़ते संबंध, दोनों ही चुनौतियां हैं जिनका समाधान तत्काल और प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है ताकि क्षेत्र में स्थिरता और सद्भाव बना रहे।