अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जनवरी 2026 के एक महत्वाकांक्षी और संभावित रूप से विस्फोटक प्लान का खुलासा हुआ है, जिसमें वेनेजुएला पर पहले ही की गई कार्रवाई के बाद कई अन्य देशों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इस योजना के तहत ईरान, मेक्सिको, ग्रीनलैंड, क्यूबा और कोलंबिया जैसे देश अमेरिकी हमले के निशाने पर हो सकते हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला में मादुरो सरकार के। खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के बाद वहां की राजनीतिक स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
वेनेजुएला: पहले दौर की कार्रवाई और उसके बाद की स्थिति
वेनेजुएला में मादुरो पर एक्शन के बाद, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के खिलाफ दूसरे दौर की कार्रवाई की तैयारी में हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि वेनेजुएला की सरकार उनके निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप वेनेजुएला को अपने नियंत्रण में लेने के लिए जल्द ही एक और ऑपरेशन शुरू कर सकते हैं। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति को ही राष्ट्रपति बनाया जा रहा है। हालांकि, इस नई सरकार ने अमेरिका के सामने झुकने से इनकार कर दिया है और उसने अमेरिका के सामने बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने का प्रस्ताव रखा है। यह स्थिति दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।
ईरान: गहराता संकट और पिछली झड़पें
ट्रंप के जनवरी 2026 के प्लान के अनुसार, सबसे पहले ग्रीनलैंड पर हमला हो सकता है। ट्रंप ने खुले तौर पर ग्रीनलैंड को 20 दिन की डेडलाइन दी है और कहा है कि उन्हें ग्रीनलैंड किसी भी कीमत पर चाहिए और इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ग्रीनलैंड ने ट्रंप के इन बयानों पर आपत्ति जताई है और कहा है कि। उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिनसे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ जाए। ग्रीनलैंड की यह प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे। झुकने को तैयार नहीं है, जिससे भविष्य में टकराव की आशंका बढ़ जाती है।
ग्रीनलैंड के अलावा, अमेरिका के निशाने पर ईरान भी है। ईरान पर संकट के बादल इसलिए भी गहरा रहे हैं, क्योंकि जून 2025 में अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया था। अब अमेरिका ने फिर से ईरान को चेतावनी दी है, जिससे वहां तनाव का माहौल है और द टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिकी हमला होता है, तो ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मॉस्को जा सकते हैं। यह खबर ईरान की ओर से संभावित हमले की गंभीरता और उसकी तैयारियों को दर्शाती है और ईरान अमेरिकी हमले से बचने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर रहा है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।
क्यूबा: एक कट्टर विरोधी को सीधी धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को भी सरेआम धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि क्यूबा में भी लोग खुश नहीं हैं। यह धमकी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मादुरो की सुरक्षा क्यूबा के ही सैनिक कर रहे थे। क्यूबा सरकार के अनुसार, मादुरो की सुरक्षा में उसके 32 सैनिक मारे गए हैं। क्यूबा को अमेरिका का धुर-विरोधी माना जाता है और वहां मिगुएल डियाज़-कैनेल की सरकार है। ट्रंप की यह सीधी धमकी क्यूबा के साथ अमेरिका के पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को। और अधिक जटिल बना सकती है, जिससे कैरेबियाई क्षेत्र में भी अशांति फैलने का खतरा है।
मेक्सिको और कोलंबिया: संभावित लक्ष्य
ट्रंप के जनवरी 2026 के प्लान में मेक्सिको और कोलंबिया का नाम भी शामिल है। हालांकि, इन देशों के संबंध में विशिष्ट धमकियों या कार्रवाई के विवरण का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें भी अमेरिकी निशाने पर बताया गया है। यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन की पहुंच और प्रभाव का दायरा काफी व्यापक हो सकता है, और वे अपने भू-राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कई मोर्चों पर दबाव बनाने को तैयार हैं और इन देशों पर संभावित हमले की आशंका से लैटिन अमेरिका में भी चिंता का माहौल है।
वैश्विक भू-राजनीति पर संभावित प्रभाव
ट्रंप के इस जनवरी 2026 के प्लान का खुलासा वैश्विक भू-राजनीति पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। वेनेजुएला में दूसरे दौर की कार्रवाई की तैयारी, ग्रीनलैंड पर अधिग्रहण की खुली मांग, ईरान पर बढ़ते खतरे और क्यूबा को सीधी धमकी, ये सभी घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए और अधिक टकराव वाले युग का संकेत देते हैं। विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं और उनकी तैयारियां दर्शाती हैं कि वे। अमेरिकी दबाव का सामना करने के लिए कमर कस रहे हैं। यह स्थिति वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती पेश। करती है, क्योंकि कई देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।