'हम दुनिया के हर देश से आगे हैं', नैतिकता पर उठे सवाल तो ट्रंप ने दिया बड़ा बयान

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई और क्रिप्टोकरेंसी में अमेरिका को नंबर एक बताया और अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार पर लगे हितों के टकराव के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में अपनी सरकार की रणनीति का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका इस समय चीन सहित पूरी दुनिया के सभी देशों से काफी आगे निकल चुका है। सीएनबीसी के वरिष्ठ पत्रकार जो कर्नेन को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार को लेकर उठ रहे हितों के टकराव के आरोपों पर भी अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और ट्रंप के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करना अब अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा

सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि वह क्रिप्टो को एक अलग और रणनीतिक नजरिए से देखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को इस तकनीक में सबसे आगे रहना ही होगा, क्योंकि यदि अमेरिका ऐसा करने में विफल रहता है, तो चीन इस क्षेत्र में आगे निकल जाएगा और ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखाई, तो चीन इस पूरे बाजार को अपने नियंत्रण में ले लेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जिस भी क्षेत्र में अमेरिका कदम रखे, उसमें वह हमेशा नंबर एक के पायदान पर रहे। ट्रंप ने दावा किया कि आज अमेरिका न केवल क्रिप्टो में बल्कि एआई के मामले में भी चीन और बाकी सभी देशों से बहुत आगे है।

शी चिनफिंग के साथ मुलाकात का विवरण

ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि मई के मध्य में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई उनकी मुलाकात में शी ने अमेरिका की आर्थिक प्रगति की सराहना की थी। ट्रंप ने बताया कि करीब तीन सप्ताह पहले जब उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी से हुई, तो शी ने उनका स्वागत करते हुए सबसे पहले उनके काम की तारीफ की। ट्रंप के अनुसार, शी चिनफिंग ने कहा कि ट्रंप ने बहुत अच्छा काम किया है और अमेरिका, जो पहले एक जगह ठहर गया था, अब दुनिया का सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश बन गया है। ट्रंप ने इस बातचीत का हवाला देते हुए अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता को रेखांकित किया।

वित्तीय खुलासे और अरबों की कमाई

ट्रंप के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब 30 जून को 'यूएस ऑफिस ऑफ गवर्नमेंट एथिक्स' ने उनकी 900 पन्नों की विस्तृत वित्तीय जानकारी को सार्वजनिक किया है। वर्ष 1978 के पारदर्शिता कानून के तहत जारी किए गए इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2025 में ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपने विभिन्न कारोबारों के माध्यम से लगभग 1 अरब 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम कमाई की है। दस्तावेज के अनुसार, सितंबर 2024 में ट्रंप परिवार के समर्थन से शुरू किए गए 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' (WLF) के टोकन की पहली बिक्री से ही ट्रंप को लगभग 55 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय प्राप्त हुई थी।

परिवार के कारोबार और टोकन निवेश पर सफाई

रिपोर्ट में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ट्रंप और उनके तीन बेटों ने 'डीटी मार्क्स डेफी' नामक एक मध्यस्थ कंपनी के माध्यम से 22 अरब 50 करोड़ WLFI टोकन भी खरीदे हैं। इन टोकन की मौजूदा अनुमानित कीमत लगभग 1 अरब 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर बताई गई है। जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या उन्हें इन सार्वजनिक खुलासों से पहले अपने परिवार के इस बड़े क्रिप्टो कारोबार की पूरी जानकारी थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में पता हो सकता था, लेकिन इसमें कुछ भी गैरकानूनी या गलत नहीं है। उन्होंने अपने परिवार का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति होने के नाते उनके बच्चों के लिए निजी व्यवसाय और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना एक कठिन कार्य है।

वैश्विक ईर्ष्या और कारोबारी अनुभव

अपने बच्चों के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह अक्सर उनसे इन चीजों से दूर रहने को कहते हैं, लेकिन उनकी अपनी निजी जिंदगी और करियर है। उन्होंने याद दिलाया कि वे राजनीति में आने से बहुत पहले से ही बड़े स्तर पर कारोबार कर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि उनके इसी व्यापक कारोबारी अनुभव ने आज अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है और उन्होंने गर्व से कहा कि अमेरिका आज चीन और हर दूसरे देश को पीछे छोड़ रहा है और यही कारण है कि आज पूरी दुनिया अमेरिका की तरक्की से जलती है। ट्रंप ने अंत में दोहराया कि लोगों ने उन्हें इसीलिए चुना क्योंकि उनके पास एक सफल कारोबारी का दृष्टिकोण था, जो अब देश के काम आ रहा है।