ईरान की सेना को ट्रंप की चेतावनी: हथियार डाल दो, वरना मौत तय…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों को हथियार डालने की चेतावनी दी है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर भारी बमबारी की है। ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत 48 ईरानी नेताओं के मारे जाने का दावा किया और नागरिकों से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुरक्षा बलों को एक कड़ा अल्टीमेटम जारी करते हुए पूर्ण सुरक्षा के बदले हथियार डालने की अपील की है और राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सैनिक आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उन्हें मौत का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान भर में किए गए व्यापक सैन्य हमलों के बीच आया है। रविवार को अमेरिकी और इजराइली वायु सेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों और युद्धपोतों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और सैन्य अभियान की अवधि

राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि इजराइल के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा यह अमेरिकी सैन्य अभियान, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है, अगले चार हफ्तों तक जारी रह सकता है। राष्ट्रपति के अनुसार, यह अभियान पूरी तरह से योजना के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अब तक ईरान के संभवतः 48 शीर्ष नेताओं को मार गिराया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में अपने हमले जारी रखेगा और इस मिशन का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

ईरानी नागरिकों से ट्रंप का विशेष आह्वान

सैन्य कार्रवाई के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नागरिकों को भी संबोधित किया और उन्होंने ईरानी देशभक्तों से इस अवसर का लाभ उठाने और अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होकर अपने देश को वापस लेने का आह्वान किया। ट्रंप ने नागरिकों से साहसी और निडर बनने की अपील की। शनिवार को उन्होंने ईरानियों को सलाह दी थी कि जब तक बमबारी जारी है, वे अपने घरों के भीतर रहें। उन्होंने नागरिकों को आश्वासन दिया कि अमेरिका उनकी मदद के लिए मौजूद रहेगा और उन्होंने जो वादा किया था, उसे पूरा किया जा रहा है।

हताहतों की संख्या और जवाबी कार्रवाई का विवरण

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने वाले हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने इन हमलों के जवाब में इजराइल और खाड़ी अरब देशों पर मिसाइलें दागी हैं। इजराइल की बचाव सेवाओं के अनुसार, मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए। इजराइल में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 11 हो गई है, जबकि पुलिस ने बताया कि 11 लोग अभी भी लापता हैं।

अमेरिकी सैनिकों की मौत और राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इस संघर्ष में यह पहली ज्ञात अमेरिकी मौतें हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में इन सैनिकों को 'सच्चा देशभक्त' बताया और कहा कि उन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि संघर्ष समाप्त होने से पहले और भी सैनिक हताहत हो सकते हैं, लेकिन अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का बदला जरूर लेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका उस मिशन को जारी रखेगा जिसके लिए इन सैनिकों ने अपनी जान दी है।