अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि व्हाइट हाउस के ठीक बाहर गोलीबारी की एक बड़ी घटना सामने आई है। यह पिछले एक महीने के भीतर व्हाइट हाउस के पास होने वाला दूसरा बड़ा हमला है। जिस समय यह हमला हुआ, उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर मौजूद थे और ईरान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक अहम बैठक कर रहे थे। अचानक हुई इस गोलीबारी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया और राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
गोलीबारी की घटना का विवरण
शनिवार की शाम राजधानी वॉशिंगटन में उस समय हड़कंप मच गया जब व्हाइट हाउस के बाहर अचानक गोलियों की गूंज सुनाई दी। चश्मदीदों और रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग की। यह घटना पेंसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थ वेस्ट के पास हुई, जो व्हाइट हाउस परिसर के बिल्कुल बाहरी हिस्से में स्थित है। इतनी भारी तादाद में गोलियां चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
हमलावर की पहचान और हताहतों की जानकारी
गोलीबारी शुरू होते ही सीक्रेट सर्विस ने मोर्चा संभाला और इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्धों को गोलियां लगीं। इस मुठभेड़ में एक हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा हमलावर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जख्मी हमलावर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये दोनों हमलावर व्हाइट हाउस की सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस हिंसक घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ है, जो उस समय वहां से गुजर रहा था।
कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान पिछला हमला
इससे पहले 26 अप्रैल को भी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी की एक डरावनी घटना हुई थी। उस कार्यक्रम के दौरान अचानक गोलियां चलने की आवाज आई, जिससे वहां मौजूद मेहमानों में दहशत फैल गई। सुरक्षा की दृष्टि से फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रपति ट्रंप को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि कार्यक्रम में मौजूद लोग अपनी सुरक्षा के लिए टेबल के नीचे छिप गए थे। उस समय भी सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इन दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ चुके हैं, जिनमें गोलीबारी के बाद मची अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है। व्हाइट हाउस जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र के बाहर बार-बार हो रहे इन हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हमलावर बेखौफ होकर गोलियां बरसा रहे हैं। हालांकि इन हमलों में राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित रहे हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन एक महीने में दो बार ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश ने प्रशासन को हिला कर रख दिया है और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ट्रंप का दुश्मन कौन है और उनकी सुरक्षा में बार-बार इस तरह की चूक कैसे हो रही है। सीक्रेट सर्विस अब नासिर बेस्ट के बैकग्राउंड और इस हमले के पीछे की साजिश की गहराई से जांच कर रही है।
