बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना 9वां बजट, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे पर रहेगा मुख्य जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां बजट होगा। इस बजट में विनिर्माण, रेलवे विस्तार, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मध्यम वर्ग के लिए वित्तीय सुधारों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करने जा रही हैं। यह आयोजन भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री के रूप में अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी। बजट भाषण से पूर्व, वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट करेंगी और इसके पश्चात केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बजट को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इस बजट से देश के विभिन्न वर्गों, विशेषकर मध्यम वर्ग, किसानों और औद्योगिक क्षेत्र को व्यापक उम्मीदें हैं।

ऐतिहासिक उपलब्धि और विधायी प्रक्रिया

निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट प्रस्तुतीकरण उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले वित्त मंत्रियों की श्रेणी में विशिष्ट स्थान दिलाता है। विधायी प्रक्रिया के अनुसार, बजट भाषण लगभग 90 से 120 मिनट तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने राजस्व और व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार का प्राथमिक उद्देश्य राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास की गति को बनाए रखना है। बजट की आधिकारिक प्रतियों को संसद में लाने से पहले सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और डिजिटल इंडिया पहल के तहत बजट दस्तावेज मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

रेलवे और बुनियादी ढांचा: नई ट्रेनों का विस्तार

रेलवे क्षेत्र के लिए इस बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार लगभग 50 नई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव रख सकती है, जिसमें वंदे भारत, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं। 0' के विस्तार और ट्रैक आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की उम्मीद है। 0' अभियान और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए 'उड़ान' (UDAN) योजना के अगले चरण का रोडमैप भी पेश किया जा सकता है।

तकनीकी नवाचार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

सरकार द्वारा 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देने के लिए रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना बनाई गई है। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की संभावना है। तकनीकी मोर्चे पर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंड की घोषणा की जा सकती है और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक घटकों पर आयात शुल्क में कटौती और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के दायरे को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। डेटा सेंटर्स के लिए बुनियादी ढांचे का विकास भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मध्यम वर्ग और वित्तीय सुधारों पर केंद्रित प्रस्ताव

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यम वर्ग के लिए नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को अधिक आकर्षक बनाने और सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) में निवेश पर कर लाभ प्रदान करने के प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि आयकर स्लैब में बड़े बदलाव की संभावना कम जताई जा रही है, लेकिन दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) और प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) के ढांचे में संशोधन के माध्यम से विदेशी निवेश को स्थिर करने का प्रयास किया जा सकता है। इसके साथ ही, कीमती धातुओं जैसे सोना और चांदी पर आयात शुल्क की समीक्षा भी बजट का हिस्सा हो सकती है।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण और निष्कर्ष

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के बीच संतुलन बनाने पर रहेगा। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन देने वाली नीतियां इस बजट का मुख्य आकर्षण हो सकती हैं। कुल मिलाकर, बजट 2026-27 से भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को 7% से ऊपर बनाए रखने के लिए आवश्यक नीतिगत दिशा मिलने की उम्मीद है।

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