उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच बिजली कटौती को लेकर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य में लगातार हो रही बिजली कटौती और उससे उत्पन्न जन आक्रोश के बाद यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (एमडी) मयूर माहेश्वरी ने बड़ी कार्रवाई की है और विभाग ने गाजियाबाद और मेरठ के दो अधिशासी अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली संकट के कारण जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है और पावर हाउसों का घेराव कर रही है।
अधिकारियों पर गिरी गाज
बिजली आपूर्ति में लापरवाही और तकनीकी खामियों को दूर करने में विफलता के चलते गाजियाबाद और मेरठ के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। अधिशासी अभियंता पारेषण गाजियाबाद राहुल को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद राहुल, जो अधिशासी अभियंता पारेषण पश्चिम के पद पर तैनात थे, उन्हें मेरठ मुख्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। इसके साथ ही, अधिशासी अभियंता पारेषण मेरठ योगेश कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। शासन की इस कार्रवाई से विभाग के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
जनता का प्रदर्शन और सीएम की सख्ती
राज्य के कई जिलों में बिजली की भारी कटौती से परेशान लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और कई जगहों पर बिजली घरों के घेराव की खबरें सामने आई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कल यानी रविवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर बिजली आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और ऊर्जा विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, बार-बार होने वाले फॉल्ट, ट्रिपिंग और अधिकारियों की जवाबदेही पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
कार्रवाई के पीछे के तकनीकी कारण
अधिकारियों के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई का मुख्य कारण मेरठ क्षेत्र में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में लगातार आ रही तकनीकी खामियां हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 19 मई 2026 को 132 केवी मोदीनगर-2 कंकरखेड़ा लाइन ट्रिप हो गई थी। इस ट्रिपिंग के कारण टावर संख्या 33 और 34 के बीच का कंडक्टर टूट गया था। इसके ठीक अगले दिन यानी 20 मई को 132 केवी मोदीनगर-2 बेदवापुर लाइन भी ट्रिप हो गई। इस घटना में टावर संख्या 8 और 9 के बीच मिड स्पैन ज्वाइंट से कंडक्टर टूटने और टावर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। इन तकनीकी विफलताओं और रखरखाव में कमी को देखते हुए यह निलंबन की कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में आने वाले अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी आने वाले दिनों में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
