अमेरिका ने वेनेजुएला से निकाला 13.5 किलो संवर्धित यूरेनियम, साउथ कैरोलिना में होगी प्रोसेसिंग

अमेरिका ने ब्रिटेन और वेनेजुएला के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में वेनेजुएला से 13.5 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम हटाकर अपने कब्जे में ले लिया है। इस यूरेनियम को सुरक्षित रूप से अमेरिका के साउथ कैरोलिना भेजा गया है, जहां इसे प्रोसेस किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के सुधरते रिश्तों के बीच उठाया गया है।

5 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम हटाकर अपने कब्जे में ले लिया है। यह महत्वपूर्ण ऑपरेशन अमेरिका, ब्रिटेन और वेनेजुएला की संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस यूरेनियम को पूरी सुरक्षा के साथ अमेरिका के साउथ कैरोलिना भेजा गया है, जहां अमेरिकी ऊर्जा विभाग द्वारा इसे प्रोसेस किया जाएगा।

संयुक्त ऑपरेशन और यूरेनियम की बरामदगी

5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (HEU) निकाल लिया गया है। अमेरिका लंबे समय से ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उसे यह सफलता वेनेजुएला में मिली है। अमेरिकी सरकार ने इस संयुक्त ऑपरेशन को पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक समाचार बताया है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के प्रमुख ब्रैंडन विलियम्स ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वेनेजुएला से संवर्धित यूरेनियम का हटाया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

स्थानांतरण की जटिल प्रक्रिया और IAEA की भूमिका

यह संवर्धित यूरेनियम वेनेजुएला की राजधानी कराकास से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में सुरक्षित रखा गया था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, इस यूरेनियम को वहां से निकालना और स्थानांतरित करना एक अत्यंत जटिल प्रक्रिया थी। यूरेनियम को पहले जमीन और फिर समुद्री मार्ग के जरिए दक्षिण अमेरिका से उत्तर अमेरिका पहुंचाया गया। अंततः इसे अमेरिका के साउथ कैरोलिना स्थित ऊर्जा विभाग के परमाणु केंद्र में सुरक्षित रूप से पहुंचा दिया गया है, जहां अब इसकी प्रोसेसिंग की जाएगी।

अमेरिका और वेनेजुएला के बदलते कूटनीतिक संबंध

यूरेनियम हस्तांतरण का यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासन और वेनेजुएला के बीच कूटनीतिक संबंधों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। कुछ समय पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का आदेश जारी किया था, लेकिन बाद में अमेरिका ने वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम नेता के रूप में मान्यता प्रदान की। हालांकि, अमेरिका ने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि अमेरिकी शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसके पश्चात दोनों देशों के संबंधों में सुधार आया और अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ सहित कई उच्चाधिकारियों ने वेनेजुएला का दौरा किया। सात वर्षों के अंतराल के बाद दोनों देशों के बीच सीधी कमर्शियल उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं और अमेरिका ने वेनेजुएला में अपना दूतावास भी पुनः खोल दिया है।

अमेरिका ने वेनेजुएला में अपना दूतावास भी फिर से खोल दिया है, जो दोनों देशों के बीच सामान्य होते कूटनीतिक संबंधों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।