Crime / लग्जरी गाड़ियां चोरी करने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़

Zoom News : Dec 30, 2020, 07:24 PM
आपने ऑन डिमांड सर्विस के बारे में तो सुना होगा लेकिन क्या कभी ऑन डिमांड चोरी के बारे में सुना है ? शायद नहीं सुना होगा, लेकिन नोएडा में ऑन डिमांड चोरी हो रही थी, वो भी लग्जरी गाड़ियों की. यह खुलासा किया है नोएडा सेक्टर 58 थाना पुलिस ने. सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार देर रात सेक्टर 70 स्थित एक पीजी पर छापा मारा जहां से पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 10 लग्जरी कार बरामद भी कर ली हैं. इनमें चार फॉर्च्यूनर , एक क्रेटा, तीन स्विफ्ट, एक डस्टर और एक होंडा सिटी कार शामिल है. पूछताछ में आरोपियों ने 100 से अधिक गाड़ियां चोरी कर बेचने की बात कुबूल की है. यह गिरोह पिछले करीब डेढ़ साल से दिल्ली एनसीआर में सक्रिय बताया जा रहा है.

पुलिस से बचने के लिए बनते थे पत्रकार और सरकारी अधिकारी
पुलिस जब पीजी पहुंची तो पुलिस के भी होश उड गए. पुलिस से बचने कि लिए एक तरफ चोरों ने अपने पास फर्जी आरसी, दो प्रेस स्टीकर, दो प्रेस आईडी कार्ड, एक गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के सहायक कमिश्नर का आईडी कार्ड रखा था. वहीं, हाइटेक तरीके से चोरी करने का सारा साजो-सामान भी इनके पास से बरामद हुआ है. 74 चाबियां, ड्रिल मशीन, चार स्कैनर टैब टूल, पांच स्कैनर केबल, एक बैट्री ड्रिल, नौ एलएन चाबी, चार पेंचकश, वायर कटर, छह नट बोल्ड खोलने वाली चाबी, तीन रॉड जैक, तीन डाटा केबल, एक भारी मैग्नेट इनके पास से पुलिस ने बरामद की हैं.

वही इनके पास से पुलिस ने दो लाख रुपये नगद और एक फ्लाइट टिकट जो की अहमदाबाद से दिल्ली के लिए बुक की गई थी बरामद की है. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन आरोपी मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आमिर और कुलदीप वर्मा मुरादाबाद के रहने वाले है वहीं अन्य लोगों की पहचान मोहम्मद अशरफ निवासी जम्मू कश्मीर, रवि सोलंकी निवासी राजकोट, मोहम्मद हसन निवासी दिल्ली, मनोज पाल निवासी हाथरस, राजेश शर्मा निवासी आगरा के रूप में हुई है.

हाइटेक तरीके से करते थे चोरी

स्कैनर टैब टूल के माध्यम से चोर गाड़ी के हैंडल के नीचे लगे इंजन कंट्रोल मशीन को स्कैन कर दूसरी चाबी तैयार कर लेते थे. इसके बाद यह लोग आसानी से गाड़ी चुरा लेते थे. इस पूरी प्रक्रिया में महज तीन मिनट तक का ही समय चोर लगाते थे. जिस गाड़ी का लॉक नहीं खुलता था उस पर भारी मैगनेट रखकर लॉक तोड़ देते थे. इसके बाद उत्तराखंड में चोरी की गई कारों के इंजन और चेचिस नंबर बदलवाए जाते थे. वहीं गुजरात और कश्मीर में इन कारों पर नए नंबर डलवाने के लिए फर्जी आरसी तैयार होती थी. इसके बाद गाड़ियों को डिमांड के हिसाब से महंगे दामों पर बेच दिया जाता था. दिल्ली एनसीआर में वाहन चोरी करने के लिए चोर गुजरात से फ्लाइट से आते थे.    

ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा

पुलिस को लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी गाड़ियां चोरी होने की शिकायत मिल रही थी. इस दौरान सेक्टर 58 थाना पुलिस को सूचना मिली की सेक्टर 61 स्थित शॉप्रिक्स मॉल के सामने एक चोरी की फॉर्च्यूनर को बेचने के लिए कुछ लोग आने वाले हैं. इसी सूचना पर पुलिस ने कार्रावई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को जेल भेज दिया है और इनके अन्य साथियों की तलाश शुरु कर दी है. वहीं पुलिस को यह भी सूचना मिली है जिस पीजी में यह लोग किराये पर रहे रहे थे उसका मालिक समाजवादी पार्टी का नेता है.

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