तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए टीवीके (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य में टीवीके सरकार का औपचारिक आगाज हो गया है।
बहुमत का गणित और विधायकों का समर्थन
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले विजय ने शनिवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से लोकभवन में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सरकार बनाने के लिए 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता थी, जबकि विजय के पास निर्धारित आंकड़े से 3 अधिक विधायकों का समर्थन है।
राज्यपाल ने विधायकों के समर्थन पत्र की समीक्षा करने के बाद विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया था और राज्यपाल से निमंत्रण मिलते ही समर्थकों और विजय के परिवार में जश्न का माहौल देखा गया।
सियासी ड्रामा और मुख्यमंत्री बनने का सफर
थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह काफी चुनौतीपूर्ण रही। 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से 9 मई तक तमिलनाडु में भारी सियासी हलचल देखी गई। 6 मई को विजय कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल से मिले थे, लेकिन बहुमत से 5 विधायक कम होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इसके बाद 7 मई को उन्होंने लेफ्ट पार्टियों के 4 विधायकों के समर्थन के साथ दूसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन तब भी राज्यपाल ने 118 विधायकों का पूर्ण समर्थन दिखाने को कहा।
8 मई को टीवीके ने वीसीके (VCK) से समर्थन मिलने का दावा किया और विजय लगातार तीसरे दिन गवर्नर हाउस पहुंचे, लेकिन देर रात तक वीसीके की ओर से आधिकारिक पुष्टि न होने के कारण मामला अटक गया। अंततः 9 मई को आईयूएमएल (IUML) और वीसीके ने टीवीके को अपना समर्थन दिया, जिससे विजय के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
पद संभालते ही तीन महत्वपूर्ण आदेशों पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही विजय ने जनहित से जुड़े तीन महत्वपूर्ण आदेशों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने राज्य की जनता को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे को पूरा करते हुए पहली फाइल पर साइन किए। इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और ड्रग स्मगलिंग (नशीली दवाओं की तस्करी) को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने के आदेश पर भी हस्ताक्षर किए।
