विक्रम राठौर का बड़ा खुलासा: खुद बनाते थे अपना बल्ला, वैभव सूर्यवंशी को दिए खास बैटिंग टिप्स

राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि वे जालंधर में खुद अपना बल्ला तैयार करते थे और भारत के लिए खेलते समय बीएएस (BAS) ब्रांड का इस्तेमाल करते थे।

राजस्थान रॉयल्स के खेमे से एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक वीडियो सामने आया है, जिसमें टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के बीच बल्ले को लेकर एक गहरी बातचीत होती दिखाई दे रही है और आईपीएल 2026 के दौरान सामने आए इस वीडियो में विक्रम राठौर ने अपने क्रिकेटिंग करियर से जुड़ा एक ऐसा राज साझा किया है, जिससे शायद ही क्रिकेट जगत के प्रशंसक अब तक वाकिफ थे। यह बातचीत न केवल एक कोच और खिलाड़ी के बीच के संवाद को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि पुराने समय में खिलाड़ी अपने खेल के उपकरणों के प्रति कितने समर्पित और जागरूक हुआ करते थे।

वैभव सूर्यवंशी की जिज्ञासा और कोच का जवाब

प्रैक्टिस सेशन के दौरान राजस्थान रॉयल्स की टीम नेट्स पर पसीना बहा रही थी। इसी बीच 15 साल के होनहार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले के साथ नेट्स के एक कोने में खड़े थे। तभी टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर उनके पास पहुंचे और उनके बल्ले की जांच करने लगे। वैभव के चेहरे पर अपने कोच को बल्ला चेक करते देख एक विशेष प्रकार की उत्सुकता और सम्मान के भाव थे। इसी दौरान वैभव के मन में एक सवाल उठा, जो अक्सर युवा बल्लेबाजों के मन में ब्रांड्स को लेकर होता है और वैभव ने विक्रम राठौर से पूछा कि जब वे क्रिकेट खेलते थे, तो वे किस कंपनी के बल्ले का इस्तेमाल करते थे - एसजी (SG) या एसएस (SS)? वैभव का यह सवाल इसलिए भी स्वाभाविक था क्योंकि वे खुद इन्हीं दो प्रतिष्ठित कंपनियों के बल्लों से खेलते आए हैं।

जालंधर का कनेक्शन और खुद बल्ला बनाने का किस्सा

वैभव के इस सरल से सवाल पर विक्रम राठौर ने एक ऐसी कहानी सुनाई जिसने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि वे न तो एसजी और न ही एसएस, बल्कि बीएएस (BAS) के बल्ले से खेला करते थे। राठौर ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वे मूल रूप से जालंधर से ताल्लुक रखते हैं और जालंधर ही वह स्थान है जहां बीएएस के बल्ले तैयार किए जाते हैं। उन्होंने वैभव को विस्तार से बताया कि उनका घर बीएएस की फैक्ट्री के बेहद करीब था और इस भौगोलिक निकटता का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। विक्रम राठौर ने खुलासा किया कि वे केवल उस ब्रांड का बल्ला इस्तेमाल ही नहीं करते थे, बल्कि खुद फैक्ट्री जाकर अपने लिए विशेष रूप से अपना बैट तैयार करते थे। यह जानकारी वैभव के लिए काफी नई और रोमांचक थी कि उनके कोच खुद अपने हाथों से अपना बल्ला तैयार किया करते थे।

विक्रम राठौर का अंतरराष्ट्रीय करियर और आंकड़े

विक्रम राठौर का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 90 के दशक के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में दर्ज है। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने उस दौर में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।

राजस्थान रॉयल्स में बॉन्डिंग और साझा सफर

विक्रम राठौर और वैभव सूर्यवंशी का राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़ाव भी एक ही समय के आसपास हुआ है। राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 के सीजन से ठीक पहले विक्रम राठौर को अपना बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया था। वर्तमान में यह इस फ्रेंचाइजी के साथ उनका दूसरा सीजन है। दिलचस्प बात यह है कि वैभव सूर्यवंशी का भी राजस्थान रॉयल्स के साथ यह दूसरा ही साल है। एक ही समय पर टीम से जुड़ने और लगातार साथ में अभ्यास करने के कारण कोच और इस युवा खिलाड़ी के बीच एक जबरदस्त बॉन्डिंग विकसित हो गई है। विक्रम राठौर अब न केवल वैभव को तकनीकी बारीकियां सिखा रहे हैं, बल्कि अपने अनुभवों के जरिए उन्हें मानसिक रूप से भी तैयार कर रहे हैं और यह वीडियो इसी मजबूत रिश्ते और खेल के प्रति उनके साझा जुनून का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है।