आजकल की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग दिनभर बिना किसी भारी शारीरिक श्रम के भी अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस करते हैं और शरीर में ऊर्जा की कमी, सुस्ती और काम में मन न लगना जैसे लक्षण अब सामान्य होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या केवल नींद की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों, विशेष रूप से विटामिन की कमी का संकेत हो सकती है। लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एचओडी डॉ और एच. घोटेकर ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
थकान के सामान्य लक्षण और शारीरिक संकेत
थकान केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। इसके सामान्य लक्षणों में हर समय कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, मांसपेशियों में दर्द और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई शामिल है। डॉ. घोटेकर के अनुसार, कुछ लोगों को सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना या सिर भारी रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार आंखों के सामने अंधेरा छा जाना या बार-बार लेटने की इच्छा होना भी शरीर में पोषण की कमी के स्पष्ट संकेत हैं। इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
विटामिन B12: ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्रोत
डॉ. एच. घोटेकर बताते हैं कि थकान दूर करने के लिए विटामिन B12 शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। यह विटामिन शरीर में रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) के निर्माण में प्राथमिक भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होता है। जब शरीर में विटामिन B12 का स्तर कम हो जाता है, तो ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे व्यक्ति को लगातार कमजोरी और चक्कर महसूस होने लगते हैं। यह विटामिन शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं को भी सपोर्ट करता है जो ऊर्जा बनाने के लिए आवश्यक हैं।
आहार के माध्यम से विटामिन की पूर्ति
शरीर में विटामिन B12 की कमी को दूर करने के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और मांस जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन B12 के बेहतरीन स्रोत हैं। शाकाहारी व्यक्तियों के लिए फोर्टिफाइड अनाज और डेयरी उत्पाद एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। डॉ. घोटेकर का कहना है कि प्राकृतिक रूप से आहार के जरिए विटामिन प्राप्त करना सबसे सुरक्षित तरीका है। हालांकि, गंभीर कमी के मामलों में चिकित्सकीय परामर्श के बाद सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन का उपयोग किया जा सकता है।
जीवनशैली में सुधार और सक्रियता का महत्व
सिर्फ पोषण ही नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित जीवनशैली भी थकान को कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है। पर्याप्त और गहरी नींद लेना शरीर की रिकवरी के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही, नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज, योग या पैदल चलना शरीर को सक्रिय रखता है और रक्त संचार में सुधार करता है और मानसिक तनाव भी शारीरिक थकान का एक बड़ा कारण बनता है, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और स्क्रीन टाइम कम करना फायदेमंद साबित होता है। दिनभर के काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेने से ऊर्जा का स्तर बना रहता है।
चिकित्सकीय परामर्श और नियमित जांच
अगर जीवनशैली और आहार में बदलाव के बाद भी थकान बनी रहती है, तो विशेषज्ञों द्वारा रक्त जांच की सलाह दी जाती है। विटामिन B12 के स्तर की जांच से यह स्पष्ट हो जाता है कि शरीर को अतिरिक्त सप्लीमेंट्स की आवश्यकता है या नहीं। डॉ और घोटेकर के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार के विटामिन सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए। सही समय पर पहचान और उपचार से न केवल थकान दूर होती है, बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी बचा जा सकता है।
