चीन की राजनीति में साल 2027 को लेकर अभी से बिसात बिछनी शुरू हो गई है। बीजिंग के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी। इकलौती बेटी, शी मिंगजे को भविष्य की राजनीति के लिए तैयार कर रहे हैं। हालांकि मिंगजे अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर रही हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि 2027 की कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में कुछ बड़ा होने वाला है।
2027 का महासंग्राम और जिनपिंग की रणनीति
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की 21वीं नेशनल कांग्रेस 2027 में होनी है। यह आयोजन चीन के भविष्य की दिशा तय करेगा और इसी दौरान नई सेंट्रल कमेटी का चुनाव होगा, जो आगे चलकर देश के सबसे शक्तिशाली अंगों, जैसे सेंट्रल मिलिट्री कमीशन, के सदस्यों की नियुक्ति करेगी। शी जिनपिंग ने हाल ही में सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लीन इंस्पेक्शन (CCDI) की बैठक में स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे अधिकारी चाहिए जो न केवल वफादार हों, बल्कि सक्रिय भी हों और उन्होंने उन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है जो केवल सत्ता परिवर्तन का इंतजार कर रहे हैं और काम में ढिलाई बरत रहे हैं।
कौन हैं शी मिंगजे? हार्वर्ड से सत्ता के गलियारों तक
शी मिंगजे का जन्म 1992 में हुआ था और उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और 'चेन मिंग' के छद्म नाम से उन्होंने वहां मनोविज्ञान (Psychology) और अंग्रेजी की शिक्षा ली। 2014 में स्नातक होने के बाद वह चीन लौट आईं और मिंगजे को बेहद लो-प्रोफाइल रखा गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि उनकी यह 'गुमनामी' एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है ताकि सही समय पर उन्हें एक 'साफ-सुथरी छवि' के साथ पेश किया जा सके।
वफादारी की नई परिभाषा और नेतृत्व परिवर्तन
शी जिनपिंग का जोर इस बात पर है कि स्थानीय स्तर से लेकर शीर्ष तक केवल वही लोग रहें जो उनके विजन के प्रति पूरी तरह समर्पित हों। विशेषज्ञों का मानना है कि जिनपिंग अपने उत्तराधिकार की योजना को बहुत सावधानी से तैयार कर रहे हैं। चीन में 'राजकुमारों' (Princelings) का हमेशा से दबदबा रहा है, और मिंगजे इस श्रेणी में सबसे ऊपर आती हैं। यदि उन्हें राजनीति में लाया जाता है, तो यह माओ त्से तुंग के बाद चीन की राजनीति में सबसे बड़ा पारिवारिक उदय होगा।
गोपनीयता और सुरक्षा का कड़ा पहरा
मिंगजे की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चीनी सरकार कितनी संवेदनशील है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2019 में उनकी निजी जानकारी लीक करने वाले एक व्यक्ति को 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। चीन के भीतर उनके बारे में चर्चा करना भी एक तरह से वर्जित माना जाता है। लेकिन जैसे-जैसे 2027 नजदीक आ रहा है, यह सवाल गहराता जा रहा है कि क्या जिनपिंग अपनी विरासत को सुरक्षित रखने के लिए अपने ही परिवार पर भरोसा करेंगे?
क्या चीन में शुरू होगा नया दौर?
अगर शी मिंगजे को आधिकारिक तौर पर पार्टी में कोई बड़ी भूमिका दी जाती है, तो यह वैश्विक राजनीति के लिए भी एक बड़ा संकेत होगा और यह न केवल चीन के आंतरिक ढांचे को बदलेगा, बल्कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ चीन के रिश्तों पर भी असर डालेगा। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें बीजिंग पर टिकी हैं कि क्या जिनपिंग वास्तव में अपनी बेटी के लिए 'फिल्डिंग' सेट कर रहे हैं।