2 तीव्रता का एक जबरदस्त भूकंप आया, जिसकी वजह से भारत के जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। गहराई अधिक होने के बावजूद इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कश्मीर के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी धरती डोल गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।
उत्तर भारत में भूकंप का असर
दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ जैसे शहरी इलाकों में, जहां ऊंची इमारतों की संख्या अधिक है, वहां लोगों में काफी डर देखा गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि भारत के किसी भी हिस्से से तत्काल किसी के हताहत होने या संपत्ति को बड़े नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली है। जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जहां झटके काफी प्रभावशाली थे। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, लेकिन फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में तबाही और घायल
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार से ही पाकिस्तान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत बलूचिस्तान में मध्यम तीव्रता के कम से कम 5 भूकंप आ चुके हैं। इनमें से सबसे हालिया भूकंप शनिवार सुबह बरखान और उसके आस-पास के इलाकों में महसूस किया गया। 2 के बीच मापी गई है। बलूचिस्तान प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी अली अंसारी ने बताया कि अब तक 5 लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। मूसाखेल, किंगरी और बरखान के दूर-दराज इलाकों में कई घर मिट्टी के बने होने के कारण ढह गए हैं, जिससे लोग मलबे में दबकर घायल हुए हैं।
विशेषज्ञों की राय और वेनेजुएला का संदर्भ
पाकिस्तान मौसम विभाग के मुख्य मौसम विज्ञानी अमीर हैदर लेघारी ने इन भूकंपों के पीछे के वैज्ञानिक कारणों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि ये भूकंप एक सक्रिय फॉल्ट लाइन पर आए हैं और यह दुनिया भर में हो रही बड़ी भूगर्भीय हलचलों का परिणाम हो सकते हैं। 5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंपों का जिक्र किया, जिनमें कम से कम 920 लोगों की मौत हो गई थी और 51000 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। लेघारी के अनुसार, वेनेजुएला जैसे बड़े भूकंपों से ऊर्जा का रिसाव दूसरी फॉल्ट लाइनों पर हो सकता है, जिससे बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में और भी झटके महसूस किए जा सकते हैं।
बलूचिस्तान का भूकंपीय इतिहास
बलूचिस्तान क्षेत्र पहले भी कई बार विनाशकारी भूकंपों का सामना कर चुका है। अक्टूबर 2021 में प्रांत के हरनाई इलाके में आए भूकंप में 40 लोगों की जान चली गई थी और 300 लोग घायल हुए थे। 8 तीव्रता का एक महाविनाशकारी भूकंप आया था, जिसने लगभग 350 लोगों की जान ले ली थी और 300000 से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए थे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में बचाव टीमें भेजी गई हैं और राहत कार्य जारी है और प्रशासन मिट्टी के घरों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
