कनाडा बनेगा यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य? राष्ट्रपति मैक्रों ने किया समर्थन

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कनाडा को यूरोपीय संघ (EU) का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, कनाडा और फ्रांस ने रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कनाडा को यूरोपीय संघ (EU) का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने के प्रस्ताव का औपचारिक रूप से समर्थन किया है। यह महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम रविवार को राष्ट्रपति मैक्रों और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात फ्रांस के विदेशी क्षेत्र सेंट-पियरे-ए-मिकेलॉन में हुई। यह इलाका कनाडा के न्यूफाउंडलैंड के बेहद करीब स्थित है और दोनों देशों के बीच यहां की दूरी महज कुछ किलोमीटर ही है। इस भौगोलिक समीपता को दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका के साथ तनाव के बीच नई रणनीतिक साझेदारी

यह बैठक एक ऐसे समय में हुई है जब कनाडा और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगा दिए हैं और वे कई बार सार्वजनिक रूप से कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। हाल ही में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा भी साझा किया था जिसमें पूरे उत्तरी अमेरिका को अमेरिकी झंडे के नीचे दिखाया गया था, और इस नक्शे में कनाडा के साथ-साथ फ्रांस का क्षेत्र सेंट-पियरे-ए-मिकेलॉन भी शामिल था और इन परिस्थितियों के बीच मैक्रों ने जोर देकर कहा कि फ्रांस, कनाडा और यूरोप के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि कनाडा और फ्रांस के बीच भौगोलिक दूरी भले ही कम हो, लेकिन दोनों देशों के मूल्य और आपसी रिश्ते इससे भी कहीं अधिक करीब हैं।

यूरोपीय संघ में एसोसिएट सदस्यता का प्रस्ताव

कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने का विचार कुछ दिन पहले यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पेश किया था। प्रधानमंत्री कार्नी ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया है और उनका मानना है कि यूरोप के साथ मजबूत और गहरे रिश्ते कनाडा को किसी एक देश पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने में बड़ी मदद करेंगे। हालांकि, वर्तमान में यूरोपीय संघ के ढांचे में एसोसिएट सदस्य जैसा कोई आधिकारिक दर्जा मौजूद नहीं है, लेकिन इस प्रस्ताव ने भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे यह नई साझेदारी बिना पूर्ण सदस्यता के भी गहरे एकीकरण को बढ़ावा दे सकती है।

रक्षा, अंतरिक्ष और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सहयोग

बैठक के दौरान फ्रांस और कनाडा ने कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने अपनी अंतरिक्ष एजेंसियों और रक्षा मंत्रालयों को एक साझा ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस सहयोग में रॉकेट लॉन्च सिस्टम और जमीन पर स्थित सैटेलाइट सुविधाओं का विकास शामिल है। इसके अलावा ऊर्जा, टेलीकॉम, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में भी आपसी तालमेल बढ़ाया जाएगा। चर्चा के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ, क्वांटम कंप्यूटिंग, सैटेलाइट और सुपरकंप्यूटिंग जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों पर भी विस्तार से बात हुई। राष्ट्रपति मैक्रों ने उल्लेख किया कि कनाडा के पास तेल, गैस और आवश्यक खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। फ्रांस चाहता है कि वह पूरे यूरोप की जरूरतों के लिए कनाडा से अधिक मात्रा में एलएनजी (LNG) खरीदने के समझौते करे।

क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति

रविवार को ही प्रधानमंत्री कार्नी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर से भी मुलाकात की। इस बैठक में रक्षा, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा और नई तकनीकों के हस्तांतरण पर चर्चा की गई। इन महत्वपूर्ण मुलाकातों के बाद कार्नी सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होंगे और सेंट-पियरे-ए-मिकेलॉन में हुई चर्चा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच हुए हालिया समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में डेनमार्क की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह सम्मान किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक अच्छा उदाहरण है।