फारस की खाड़ी में कतर के पास ब्रिटिश जहाज पर हमला, लगी आग

कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UKMTO के अनुसार, हमला दोहा से 43 किमी दूर हुआ। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है और कोई हताहत नहीं हुआ है।

फारस की खाड़ी में जहाजों पर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO (United Kingdom Maritime Trade Operations) ने इस घटना की जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, जहाज को किसी अज्ञात हथियार या प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया था। हमला होते ही जहाज में छोटी आग लग गई, लेकिन बाद में उस पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है।

हमले का स्थान और वर्तमान स्थिति

यह हमला कतर की राजधानी दोहा से करीब 43 किमी उत्तर-पूर्व में हुआ। जहाज फारस की खाड़ी के समुद्री रास्ते से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला किया गया। UKMTO ने स्पष्ट किया है कि आग बुझा दी गई है और जहाज पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि, इस हमले ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद इलाके में तनाव बना हुआ है। पिछले एक हफ्ते में फारस की खाड़ी में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं और यह नया हमला भी उसी तनाव की कड़ी माना जा रहा है। कुछ दिन पहले अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला किया था, जिसके पीछे तर्क दिया गया था कि ये जहाज ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर उसके तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ, तो वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दुश्मन जहाजों पर बड़ा हमला करेगा।

प्रमुख घटनाक्रम और आंकड़े

भारतीय और चीनी जहाजों पर हुए पिछले हमले

इससे पहले 8 अप्रैल को लकड़ी के एक भारतीय जहाज में भी होर्मुज स्ट्रेट के पास आग लग गई थी। उस जहाज पर 18 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे। इस हादसे में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए थे। बाकी 17 लोगों को पास से गुजर रहे एक दूसरे जहाज ने बचाया था और घायल भारतीयों का इलाज दुबई में किया गया। हालांकि, उस हादसे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

इसी तरह कुछ दिन पहले एक चीनी तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस जहाज का नाम 'JV इनोवेशनल' था। हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी। जहाज के चीफ इंजीनियर ने बताया कि अभी तक यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया। इस जहाज पर 22 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें चीन, म्यांमार और इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे। हमले के बाद से क्रू मेंबर काफी डरे हुए हैं।