होर्मुज में टोल लेना जरूरी: ईरान के समर्थन में उतरा कतर, दी दलीलें

कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा लगाए गए अस्थाई टोल का समर्थन किया है। कतर के उप प्रधानमंत्री ने दलील दी है कि समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाने के भारी खर्च की भरपाई के लिए यह टोल जरूरी है, हालांकि वे स्थाई टोल के खिलाफ हैं।

कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा टोल वसूलने के फैसले का खुलकर समर्थन किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। कतर वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और पर्दे के पीछे से कतर के प्रधानमंत्री अल थानी एक समझौते का मसौदा तैयार करने में जुटे हैं। इसी बीच, कतर के उप प्रधानमंत्री ने होर्मुज में लगाए गए टोल को सही ठहराते हुए इसे वहां की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया है। कतर का यह रुख ऐसे समय में आया है जब अमेरिका इस टोल व्यवस्था का कड़ा विरोध कर रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन मान रहा है।

अस्थाई टोल और कतर की दलीलें

शांगरी-ला डॉयलॉग के दौरान अपने संबोधन में कतर के उप प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थाई तौर पर लागू की गई टोल व्यवस्था को गलत नहीं ठहराया जा सकता। कतर के अनुसार, ईरान के लिए यह एक मजबूरी है क्योंकि वहां की सुरक्षा और व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में भारी खर्च आता है और कतर ने दलील दी कि होर्मुज में समुद्र के नीचे बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं। यदि किसी समझौते के तहत ईरान को इन सुरंगों को 30 दिन के भीतर हटाना पड़ता है, तो इसमें बहुत अधिक धन की आवश्यकता होगी। कतर के उप प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि इस भारी भरकम खर्च की भरपाई ईरान कैसे करेगा और उसे यह पैसा कौन देगा? हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्थाई टोल व्यवस्था के खिलाफ हैं और कतर भविष्य में ऐसी किसी भी स्थाई व्यवस्था का कड़ा विरोध करेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का प्रवेश द्वार है और वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह 34 किलोमीटर चौड़ा संकरा रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक, पूरी दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से की जाती है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया था और यहां टोल बूथ बनाने की घोषणा की थी। ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस के रूप में 10 लाख डॉलर वसूलने शुरू किए हैं। इस व्यवस्था को स्थाई रूप देने के लिए ईरान ने एक विशेष विभाग बनाने की भी घोषणा की है, जिसे सीधे तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में रखा गया है।

अमेरिका का विरोध और समझौते का प्रस्ताव

अमेरिका इस टोल व्यवस्था का लगातार विरोध कर रहा है और उसका कहना है कि ईरान प्राकृतिक समुद्री रास्तों से पैसा नहीं वसूल सकता और इस मुद्दे को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ने ओमान को भी चेतावनी दी है। वर्तमान में कतर के प्रधानमंत्री अल थानी ईरान और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के साथ सीधे संपर्क में हैं और एक समझौते का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। हालांकि, इस प्रस्तावित समझौते में होर्मुज टोल का कोई जिक्र नहीं है। प्रस्ताव के अनुसार, ईरान को होर्मुज में टोल वसूलना बंद करना होगा और इसके बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के सामने यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह खत्म करने की शर्त भी रखी है। कतर की मध्यस्थता के बावजूद टोल और सुरक्षा खर्च का मुद्दा अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।