सीबीएसई 12वीं की कॉपियों के लिए री-इवैल्यूएशन प्रोसेस भी तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ता हुआ दिख रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 1 जून से आवेदन पोर्टल शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन 1 जून की दोपहर बीतने को है और पोर्टल अभी भी मेंटेनेंस मोड में दिखाई दे रहा है। इस तकनीकी समस्या के कारण उन छात्रों की चिंताएं बढ़ गई हैं जो अपने अंकों की दोबारा जांच करवाना चाहते हैं।
लचर व्यवस्था और छात्रों की बढ़ती चिंता
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की लचर व्यवस्था ने स्टूडेंट्स और पैरेंट्स की परेशानियां बढ़ाई हुई हैं। सीबीएसई के सुधार संबंधी दावों के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है और ताजा मामला 12वीं की कॉपियों के री-वैल्यूएशन प्रोसेस से जुड़ा हुआ है। सीबीएसई ने वेबसाइट दुरुस्त करने का दावा करते हुए 1 जून से 12वीं की कॉपियों के री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल शुरू करने की घोषणा की थी। लेकिन हकीकत में 1 जून की दोपहर तक पोर्टल सक्रिय नहीं हो सका और मेंटेनेंस मोड का संदेश ही दिखाई देता रहा।
तारीखों में बदलाव और बोर्ड का दावा
री-वैल्यूएशन की प्रक्रिया के लिए तारीखों में पहले भी बदलाव किया जा चुका है। सीबीएसई ने 12वीं की कॉपियों के री-वैल्यूएशन के लिए पहले 29 जून से प्रोसेस शुरू करना तय किया था। स्कैन आंसरशीट विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संबंध में घोषणा की थी और हालांकि, सीबीएसई ने बाद में एक नया आदेश जारी किया और आवेदन पोर्टल को 1 जून से ही शुरू करने का निर्णय लिया। बोर्ड का कहना था कि पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवेदन पोर्टल को 1 जून से शुरू करने का फैसला लिया गया है, लेकिन पहले ही दिन पोर्टल के ठप होने से इन दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्कैन आंसरशीट प्रक्रिया में भी आई थीं बाधाएं
यह पहली बार नहीं है जब इस सत्र में छात्रों को डिजिटल पोर्टल के कारण परेशानी हुई हो। इससे पहले सीबीएसई 12वीं की स्कैन आंसरशीट लेने के लिए भी स्टूडेंट्स को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। सीबीएसई ने 19 मई से आवेदन पोर्टल शुरू किया था, जिसके तहत 22 मई तक आवेदन किया जा सकता था। लेकिन पहले दिन आवेदन पोर्टल पूरे दिन ठप रहा। इसके बाद सीबीएसई ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 मई कर दी थी। दूसरे दिन भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और पोर्टल सुबह ठप रहा, जिसके बाद दोपहर 2 बजे के बाद ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान भी स्टूडेंट्स को पेमेंट करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई छात्र भुगतान नहीं कर पाए।
धुंधली कॉपियां और मंत्रालय का आश्वासन
स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद भी छात्रों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। कई स्टूडेंट्स ने शिकायत की कि उन्हें जो कॉपियां मिली हैं, उनमें बदलाव किए गए हैं या फिर स्कैनिंग इतनी धुंधली है कि कुछ भी पढ़ना संभव नहीं है। कुछ छात्रों ने कॉपी के पन्ने गायब (मिसिंग) होने की भी शिकायत दर्ज कराई। इन तकनीकी समस्याओं के कारण सीबीएसई को कई बार आवेदन की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इन समस्याओं को स्वीकार किया और छात्रों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस बार सीबीएसई ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) की तकनीक अपनाई है, लेकिन पोर्टल की लगातार विफलता ने छात्रों और अभिभावकों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।
