हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सिल्लाघ्राट क्षेत्र में शनिवार को उस समय सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक युवक ने स्थानीय जालपा माता मंदिर में प्रवेश कर देवी के पवित्र वस्त्रों को आग लगा दी। यह घटना कलयु गांव की है, जहां शनिवार सुबह करीब 5:00 बजे इस कृत्य को अंजाम दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी युवक घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।
घटना का विवरण और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तो उन्होंने माता की मूर्ति पर चढ़ाए गए वस्त्रों को जला हुआ पाया और मंदिर की पवित्रता भंग होने की खबर पूरे कलयु गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक युवक ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना के थाना प्रभारी (SHO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों से भी पूछताछ की है ताकि आरोपी के ठिकाने का पता लगाया जा सके। सदर थाना प्रभारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर चंबा थाने लाया जाए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और ज्ञापन
धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचने के कारण ग्रामीण और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि चंबा शहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चंबा थाना और उपायुक्त कार्यालय के बाहर रोष प्रकट किया। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि इस घिनौने कृत्य के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र की शांति और भाईचारा प्रभावित होता है, इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
आरोपी के परिजनों द्वारा सार्वजनिक माफी
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आरोपी युवक के परिजनों ने ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की। परिजनों ने इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि युवक का यह कृत्य व्यक्तिगत था और परिवार इस तरह की किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करता है। परिजनों ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में उनके परिवार की ओर से इस तरह की कोई भी अप्रिय घटना दोबारा नहीं होगी। इस माफीनामे के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और वर्तमान स्थिति
वर्तमान में कलयु गांव और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
