दिल्ली नगर निगम (MCD) में महापौर और उपमहापौर के चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली नगर निगम में महापौर और उपमहापौर के चुनाव 29 अप्रैल 2026 को संपन्न कराए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम और नामांकन की महत्वपूर्ण तिथियां
नगर निगम प्रशासन की ओर से इस चुनाव के संबंध में आज अधिसूचना जारी की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ होगी और इच्छुक उम्मीदवार 23 अप्रैल तक अपना नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। 23 अप्रैल को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद, यदि आवश्यक हुआ, तो 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। चुनाव संपन्न कराने के लिए सदन की एक विशेष बैठक भी 29 अप्रैल को ही बुलाई गई है।
स्टैंडिंग कमिटी चुनाव और सदन की विशेष बैठक
29 अप्रैल को केवल महापौर और उपमहापौर के पदों के लिए ही मतदान नहीं होगा, बल्कि उसी दिन स्टैंडिंग कमिटी के तीन खाली पदों के लिए भी चुनाव आयोजित किए जाएंगे। निगम प्रशासन ने इन सभी चुनावी प्रक्रियाओं को एक ही दिन पूरा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सदन की विशेष बैठक में सभी पार्षदों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
बहुमत का गणित और राजनीतिक समीकरण
इस बार के चुनाव में आंकड़ों का खेल काफी दिलचस्प नजर आ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास वर्तमान में MCD सदन में लगभग 141 वोट हैं। दिल्ली नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए 137 वोटों की आवश्यकता होती है। इस संख्या बल के आधार पर भाजपा महापौर पद पर अपना कब्जा जमाने का प्रबल दावा पेश कर रही है। भाजपा जल्द ही महापौर, उपमहापौर और स्टैंडिंग कमिटी के पदों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने वाली है।
महापौर पद का कार्यकाल और रोटेशन प्रणाली
दिल्ली नगर निगम में महापौर पद का कार्यकाल एक वर्ष का निर्धारित होता है। यह पद रोटेशन सिस्टम के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षित या अनारक्षित होता है। वर्तमान में इसे पांचवां या छठा टर्म माना जा रहा है और पिछले साल के घटनाक्रमों को देखें तो आम आदमी पार्टी ने कुछ चुनावों में बहिष्कार का रास्ता अपनाया था, लेकिन इस बार दोनों ही प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
