दिल्ली एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज बारिश से बढ़ी गुलाबी ठंड, पढ़ें पूरी रिपोर्ट विस्तार से

दिल्ली-एनसीआर में शनिवार रात हुई बारिश और तेज हवाओं से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। इस बदलाव से प्रदूषण के स्तर में भारी सुधार देखा गया है और न्यूनतम तापमान गिरने से गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। शनिवार रात को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और इसके साथ ही क्षेत्र में गुलाबी ठंड की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम में और भी बदलाव देखने को मिल सकता है। नवंबर के पहले सप्ताह में एक नए वेदर सिस्टम के कारण हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के आसमान में एक बार फिर से घने बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

प्रदूषण पर लगाम और हवा की गुणवत्ता में सुधार

शनिवार रात को चली तेज हवाओं और हुई बारिश का सबसे बड़ा असर प्रदूषण पर देखने को मिला है। पिछले तीन दिनों से लगातार दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई थी, जिसके कारण मजबूरन क्षेत्र में ग्रैप-1 यानी GRAP-1 की सख्त पाबंदियां लागू करनी पड़ी थीं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि शनिवार शाम से ही हवा की रफ्तार में तेजी आने के कारण एक्यूआई यानी AQI में सुधार दर्ज किया जाने लगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के आंकड़ों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता में सुधार होकर यह 191 के स्तर पर यानी मध्यम श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। शनिवार देर रात नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश के बाद रविवार सुबह हवा और अधिक साफ हो गई है। मौसम विशेषज्ञों का यह अनुमान है कि तेज हवाओं और बारिश के इस खास ‘वॉश-आउट इफेक्ट’ के कारण आगामी दो से तीन दिनों तक प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में ही बना रहेगा।

क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस अचानक हुए बदलाव के पीछे एक मजबूत मौसमी तंत्र काम कर रहा है। वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण यानी Cyclonic Circulation के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। इसी के प्रभाव के कारण पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के इलाकों में भी एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन देखा जा रहा है। इसी सक्रिय मौसमी सिस्टम की वजह से शनिवार को हरियाणा के कई जिलों जैसे कि महेंद्रगढ़ और झज्जर में तथा राजस्थान के चूरू व अलवर में ओलावृष्टि के साथ भारी तेज बारिश दर्ज की गई। इसी का व्यापक असर शनिवार की रात को दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में भी देखने को मिला, जहां झमाझम बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया।

तापमान में गिरावट और गुलाबी ठंड का अहसास

तेज हवाओं के चलने और बारिश होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर के न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग के अनुसार, न्यूनतम तापमान अब सामान्य के करीब पहुंच गया है, जिसके परिणामस्वरूप सुबह और शाम के समय हल्की सिहरन यानी गुलाबी ठंड का अहसास काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग के जानकारों का यह भी कहना है कि अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर की शुरुआत में एक बार फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इसके प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के पूरे क्षेत्र में मौसम में बदलाव जारी रहेगा और बारिश होने से क्षेत्र में ठंड और अधिक बढ़ने के स्पष्ट आसार हैं। इस तरह से प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को मौसम की इस मेहरबानी से बड़ी राहत मिली है और स्वच्छ हवा के साथ ठंडक का अहसास होने लगा है।