Vijay Hazare Trophy / इस खिलाड़ी ने रचा विजय हजारे ट्रॉफी में इतिहास, टीम इंडिया से बुलावा का इंतजार

देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी में तीन सीज़न में 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले और एकमात्र बल्लेबाज बनकर इतिहास रच दिया है। शानदार फॉर्म में होने के बावजूद, उन्हें अभी तक भारतीय टीम में मौका नहीं मिला है, जिससे चयन समिति के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।

भारत में इस समय विजय हजारे ट्रॉफी के रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं, जहां युवा और अनुभवी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और इन मुकाबलों में एक नाम लगातार सुर्खियां बटोर रहा है, वह हैं देवदत्त पडिक्कल। उन्होंने इस टूर्नामेंट में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो इससे पहले किसी भी बल्लेबाज ने नहीं किया था, जिससे वह क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि, उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें अभी तक भारतीय टीम से बुलावा नहीं आया है, जिससे उनके प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों। के बीच उत्सुकता बनी हुई है कि क्या बीसीसीआई की चयन समिति उनके प्रदर्शन पर ध्यान देगी या उन्हें अभी और इंतजार करना होगा। देवदत्त पडिक्कल, जो अक्सर अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन। उन्हें भारतीय टीम के लिए लगातार खेलने का अवसर नहीं मिल पाता है। इस बार, विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और एक अद्वितीय रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

वह विजय हजारे ट्रॉफी के तीन अलग-अलग सीज़न में 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले और एकमात्र बल्लेबाज बन गए हैं और यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने पहली बार यह कारनामा साल 2019-20 में किया था, जब उनके बल्ले से 609 रन निकले थे। इसके बाद, 2020-21 सीज़न में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 737 रन बनाए थे। अब, मौजूदा 2025-26 सीज़न में भी उन्होंने 605 से अधिक रन बनाकर इस ऐतिहासिक। हैट्रिक को पूरा किया है, जो उनकी असाधारण फॉर्म और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

राजस्थान के खिलाफ शानदार पारी

मंगलवार को, देवदत्त पडिक्कल राजस्थान के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के एक महत्वपूर्ण मैच में खेलने उतरे और इस मुकाबले में उन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए मात्र 82 गेंदों पर 91 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। हालांकि, वह अपना शतक पूरा करने से केवल 9 रन। से चूक गए, लेकिन उनकी यह पारी भी बेहद प्रभावशाली रही। अपनी इस पारी के दौरान, पडिक्कल ने 12 शानदार चौके और दो गगनचुंबी छक्के लगाए, जिससे उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भले ही इस पारी में उन्हें शतक नहीं मिला, लेकिन यह उनकी मौजूदा जबरदस्त फॉर्म का एक और उदाहरण था। इस टूर्नामेंट में, देवदत्त पडिक्कल ने अपनी पिछली छह पारियों में चार शतक जड़े हैं, जो उनकी बेहतरीन लय को दर्शाता है और केवल एक बार ही वह 50 रन के आंकड़े से पहले आउट हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह इस समय अपनी बल्लेबाजी के चरम पर हैं।

टीम इंडिया में बुलावा का इंतजार

देवदत्त पडिक्कल ने अब तक भारत के लिए सीमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है। उन्होंने दो टेस्ट मैचों में 90 रन बनाए हैं और दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 38 रन बनाए हैं। हालांकि, उन्हें अभी तक वनडे इंटरनेशनल में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है, जो उनके प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है। उनकी मौजूदा फॉर्म और विजय हजारे ट्रॉफी में बनाए गए ऐतिहासिक रिकॉर्ड को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना जा सकता है। हालांकि, चयनकर्ताओं ने उन्हें इस सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं दी, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। देवदत्त पडिक्कल लगातार रन बनाकर अपना काम कर रहे हैं और टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बीसीसीआई की चयन समिति कब तक उनके इस शानदार प्रदर्शन पर ध्यान देती है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती है।