सिद्धारमैया सहित 140 MLA मेरे साथ! शिवकुमार के इस बयान ने हिला दी कर्नाटक की राजनीति, क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर

कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान के बीच डीके शिवकुमार ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने दिल्ली से बेंगलुरु तक खलबली मचा दी है। उन्होंने दावा किया कि सिद्धारमैया सहित 140 विधायक उनके समर्थन में हैं और आलाकमान के साथ एक बड़ा फैसला हो चुका है।

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया है। पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष। डीके शिवकुमार ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। शिवकुमार ने दावा किया है कि उनके पास मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित 140 विधायकों का पूरा समर्थन है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी लंबी बैठकें चली हैं।

दिल्ली से लौटते ही बदला मिजाज

पिछले कुछ दिनों से डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। वहां उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे दिग्गज नेताओं से मुलाकात की। बेंगलुरु लौटते ही जब मीडिया ने उनसे नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल किए तो उन्होंने बेहद सधे हुए लेकिन विस्फोटक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह और सिद्धारमैया एक निष्कर्ष पर पहुंच चुके हैं लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है।

140 विधायकों का समर्थन और शक्ति प्रदर्शन

शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वह खुद एक ही टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित 140 विधायक मेरे समर्थन में हैं। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है और शिवकुमार का यह कहना कि मुख्यमंत्री खुद उनके समर्थन में हैं एक बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा करता है। क्या यह संकेत है कि आने वाले समय में सत्ता के समीकरण बदलने वाले हैं?

वक्त देगा हर सवाल का जवाब

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अप्रैल में कोई अच्छी खबर मिलने वाली है तो शिवकुमार ने रहस्यमयी मुस्कान के साथ कहा कि वक्त हर सवाल का जवाब देगा और उन्होंने मीडिया की उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्हें राहुल गांधी से मिलने का समय नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आलाकमान के सामने जो चर्चा हुई है उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता लेकिन निर्णय लिया जा चुका है।

कर्नाटक में 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तभी से यह चर्चा आम थी कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल का सत्ता साझाकरण समझौता हुआ है। 20 नवंबर को सरकार के कार्यकाल का आधा पड़ाव पूरा होने के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठने लगी थी। शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि जल्द। ही कुछ अच्छी खबर मिल सकती है जिससे इन अटकलों को और बल मिला है।

मीडिया की अटकलों पर साधा निशाना

डीके शिवकुमार ने मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधा जो उनकी दिल्ली यात्रा को लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि कभी आप तस्वीरें दिखाते हैं कि मैं नेताओं के साथ बैठा हूं और कभी कहते हैं कि मुलाकात ही नहीं हुई और उन्होंने साफ किया कि वह सरकारी और राजनीतिक काम से दिल्ली जाते रहते हैं और हर मुलाकात को कैमरे के सामने साबित करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल कर्नाटक की जनता और राजनीतिक विश्लेषक उस वक्त का इंतजार कर रहे हैं जिसका जिक्र शिवकुमार बार-बार कर रहे हैं।