Dollar vs Rupee / रुपए की रफ्तार से हार डॉलर, 2 महीने में दिया दूसरा सबसे बड़ा झटका

शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 61 पैसे चढ़कर 86.07 पर बंद हुआ। बीते दो महीनों में यह दूसरी सबसे बड़ी तेजी रही। डॉलर इंडेक्स की गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में उछाल ने इस रफ्तार को बल दिया। जानकार और निवेशक दोनों हैरान रह गए।

Dollar vs Rupee: "रफ्तार हो तो ऐसी, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान रह जाए!" ये पंक्तियाँ इस वक्त भारतीय रुपए की स्थिति पर सटीक बैठती हैं। शुक्रवार, 11 मार्च को रुपए ने डॉलर के मुकाबले जो छलांग लगाई, उसने वित्तीय बाजार में हलचल मचा दी और विश्लेषकों को चौंका दिया। बीते दो महीनों में यह दूसरी सबसे बड़ी मजबूती रही, जिसने भारतीय मुद्रा को वैश्विक मुद्रा बाजार के केंद्र में ला खड़ा किया।

रुपए ने तोड़ी तेजी की सीमाएं

आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी 11 को रुपया 68 पैसे मजबूत होकर बंद हुआ था, और अब मार्च 11 को 61 पैसे की तेजी के साथ रुपए ने 86.07 के स्तर को छू लिया। हालांकि कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही रुपए ने 51 पैसे की बढ़त दिखा दी थी, और उम्मीदें थीं कि यह सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ, लेकिन इस तेजी ने हर किसी को हैरान जरूर कर दिया।

डॉलर इंडेक्स की गिरावट ने बनाया रास्ता

विशेषज्ञों के अनुसार, रुपए में आई यह तेजी एक तरफा नहीं थी, बल्कि इसमें डॉलर इंडेक्स की तेज गिरावट का भी बड़ा योगदान रहा। डॉलर इंडेक्स 1.52% गिरकर 99.335 पर आ गया, जो बीते तीन वर्षों में पहली बार 100 के नीचे फिसला। इससे रुपया मुकाबले में और मजबूत हुआ। यदि ये ट्रेंड बना रहा, तो भविष्य में रुपया 83 या उससे भी बेहतर स्तर पर पहुंच सकता है।

अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर

इस मजबूती की एक बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 26% टैरिफ को जुलाई तक के लिए टालना भी है। इस फैसले ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया, जिससे रुपये को सहारा मिला। वहीं चीन द्वारा अमेरिकी निर्यात पर 125% टैरिफ लगाने से डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बन गया, जिससे वैश्विक मुद्रा समीकरण भारत के पक्ष में झुकता दिखा।

शेयर बाजार ने भी दिया सपोर्ट

रुपए की इस शानदार परफॉर्मेंस को घरेलू शेयर बाजार की मजबूती का भी समर्थन मिला। बीएसई सेंसेक्स में 1,310 अंकों की बढ़त और निफ्टी में 429 अंकों की छलांग ने यह दिखा दिया कि निवेशकों का मनोबल ऊंचा है। विदेशी निवेशकों ने हालांकि 4,358 करोड़ रुपये की बिकवाली की, लेकिन बाजार और मुद्रा दोनों पर इसका असर सीमित रहा।

रुपए का भविष्य: क्या रहेगा ट्रेंड?

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली का मानना है कि रुपए की चाल फिलहाल मजबूती की ओर है। अगले सप्ताह, छुट्टी के बाद, रुपए के 85.75 से 86.25 के दायरे में रहने की संभावना है। अगर डॉलर इंडेक्स इसी तरह दबाव में रहता है, तो भारतीय रुपया अपनी रफ्तार को कायम रख सकता है।

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