इमरान खान की सेहत पर कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत 21 पूर्व कप्तानों ने शहबाज शरीफ को लिखी चिट्ठी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर क्रिकेट जगत में चिंता है। कपिल देव और सुनील गावस्कर सहित 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान के लिए उचित चिकित्सा उपचार और मानवीय व्यवहार की मांग की है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट जगत के दिग्गज इमरान खान की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के एक बड़े समूह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है और इस पत्र में भारत के महान खिलाड़ी कपिल देव और सुनील गावस्कर के भी हस्ताक्षर शामिल हैं। पूर्व कप्तानों ने शहबाज शरीफ से अपील की है कि वे इमरान खान को उचित मेडिकल ट्रीटमेंट और मानवीय सुविधाएं प्रदान करें। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब इमरान खान की सेहत को लेकर लगातार चिंताएं जताई जा रही हैं और ऐसी खबरें सामने आई हैं कि अदालत द्वारा निर्देशित मेडिकल जांच के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है।

क्रिकेट जगत की बढ़ती चिंता और एकजुटता

इमरान खान की सेहत को लेकर यह दूसरी बार है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने हस्तक्षेप किया है। इससे पहले 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने इमरान खान के लिए सही मेडिकल चेकअप की मांग करते हुए पाकिस्तानी सरकार को पत्र लिखा था। अब 6 महीने बाद इस अपील में 7 और पूर्व कप्तान शामिल हो गए हैं, जिससे अब इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वाले क्रिकेटरों की कुल संख्या 21 हो गई है। इन कप्तानों ने इस बात पर जोर दिया है कि उनका यह कदम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं है, बल्कि 73 साल के इमरान खान के साथ उनके पुराने क्रिकेटिंग संबंधों पर आधारित है। इमरान खान ने साल 1992 में पाकिस्तान को पहला विश्व कप जिताने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी और वह पिछले 3 साल से भी ज्यादा समय से हिरासत में हैं।

अदालती आदेशों के उल्लंघन का मुद्दा

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे गए इस पत्र में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जिसमें इमरान खान को अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि एक मेडिकल बोर्ड द्वारा उनकी जांच की जाए, जिसमें उनके निजी डॉक्टर और उनकी बहन डॉक्टर उजमा खान को भी शामिल किया जाना था। इसके अलावा, अदालत ने परिवार के सदस्यों को उनसे साप्ताहिक मुलाकात करने की अनुमति भी बहाल की थी। हालांकि, पूर्व क्रिकेटरों ने अपनी चिट्ठी में चिंता जताई है कि इमरान खान को अस्पताल में केवल कुछ घंटों के लिए रखा गया और कोर्ट द्वारा निर्देशित बोर्ड के बजाय राज्य द्वारा नियुक्त एक टीम ने उनकी जांच की। उन्हें जल्दबाजी में मेडिकली फिट घोषित कर दिया गया और बोर्ड का काम पूरा होने से पहले ही उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया, जिसे उनके परिवार और कानूनी टीम ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया है।

पूर्व कप्तानों की तीन प्रमुख मांगें

पूर्व कप्तानों ने अपनी इस मानवीय अपील में तीन मुख्य मांगें रखी हैं और पहली मांग यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड को इमरान खान के स्वास्थ्य का पूर्ण और स्वतंत्र मूल्यांकन करने की अनुमति दी जाए। इसमें उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि में आ रही कथित कमी से जुड़ी चिंताओं की जांच भी शामिल होनी चाहिए। दूसरी मांग यह है कि अदालत द्वारा बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों का बिना किसी प्रशासनिक बाधा या देरी के सम्मान किया जाए। तीसरी और अंतिम मांग यह है कि मेडिकल मूल्यांकन के बाद इमरान खान को जो भी उपचार आवश्यक लगे, उसे बिना किसी देरी के प्रदान किया जाए। इन कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि वे पाकिस्तान के घरेलू कानूनी या राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल मानवीय आधार पर यह मांग कर रहे हैं।

सीमाओं से परे क्रिकेट का रिश्ता

चिट्ठी में कप्तानों ने बहुत ही भावुक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा है कि वे राजनेताओं के रूप में नहीं, बल्कि पूर्व साथियों और प्रतिद्वंद्वियों के रूप में लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के मैदान पर बना यह रिश्ता देशों को बांटने वाली सीमाओं और विवादों से कहीं ऊपर है। 73 साल की उम्र में इमरान खान की सेहत और 3 साल से अधिक की जेल की अवधि को देखते हुए, इन अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों ने मानवीय व्यवहार की अपील की है। कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे बड़े नामों का इस पत्र में शामिल होना यह दर्शाता है कि इमरान खान के प्रति सम्मान केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में फैला हुआ है। अब देखना यह है कि पाकिस्तानी सरकार इन 21 पूर्व कप्तानों की इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया देती है।