ईरान में हालिया अशांति के दौरान एक भयावह मंजर सामने आया है, जहां सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का व्यक्तिगत रूप से आदेश दिया था। इस आदेश के बाद देश की सड़कों पर 2,000 से अधिक लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है और ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा किया है, जिसमें बताया गया है कि ये हत्याएं सीधे खामेनेई के निर्देश पर की गईं।
गोलीबारी के लिए जिम्मेदार बल
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट, जो सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और राष्ट्रपति कार्यालय से मिली जानकारी पर आधारित है,। बताती है कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा दिया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार की तीनों शाखाओं के प्रमुखों को इस निर्णय की पूरी जानकारी थी और उन्होंने इसे अपनी स्वीकृति भी दी थी। यह जानकारी देश के शीर्ष नेतृत्व की सीधी संलिप्तता को दर्शाती है, जिससे इन घटनाओं की गंभीरता और बढ़ जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने औपचारिक रूप से गोलीबारी की अनुमति देने वाला आदेश जारी किया था और इस गोलीबारी के लिए मुख्य रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) और बासिज मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया गया है। इन सुरक्षा बलों ने खामेनेई के आदेशों का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। यह दर्शाता है कि राज्य के प्रमुख सुरक्षा तंत्र इस दमनकारी कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल थे।
सरकार ने पहली बार मानी मौतों की बात
ईरान प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि देशव्यापी हिंसा में अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि ईरान ने दो सप्ताह से जारी प्रदर्शनों के दौरान इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों को पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि मरने वालों में कितने आम नागरिक हैं और कितने सुरक्षा बल। के जवान, लेकिन यह स्वीकार किया गया कि मरने वालों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। यह स्वीकारोक्ति देश में चल रहे संकट की भयावहता को रेखांकित करती है।
विरोध प्रदर्शनों का व्यापक फैलाव
बिगड़ती आर्थिक स्थितियों के कारण भड़के ये विरोध प्रदर्शन अब देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए हैं। यह दर्शाता है कि असंतोष केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में व्यापक रूप से फैल चुका है। विरोध प्रदर्शनों का यह व्यापक फैलाव सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है, क्योंकि उसे एक साथ कई मोर्चों पर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ रहा है। आर्थिक संकट ने आम जनता के बीच गहरी निराशा पैदा। की है, जो इन विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण बनी है।
सूचनाओं की बहुस्तरीय समीक्षा
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट रविवार से शुरू हुई सूचनाओं की बहुस्तरीय समीक्षा पर आधारित थी और इसमें सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के करीबी सूत्रों, राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारियों, मशहद, करमानशाह और इस्फ़हान में आईआरजीसी से जुड़े सूत्रों, साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, पारिवारिक गवाहियों, अस्पताल के आंकड़ों और कई शहरों के डॉक्टरों और नर्सों से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया गया था। इस विस्तृत और विविध स्रोत आधारित जानकारी ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता को। मजबूत किया है, जिससे खामेनेई के सीधे आदेशों की पुष्टि होती है।