एचजेयू दीक्षांत समारोह में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवासे बोली स्टूडेंट- बेइज्जती करके इज्जत-देने का शुक्रिया

जयपुर के हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में केवल गोल्ड मेडलिस्ट को डिग्री देने पर छात्रों ने भारी हंगामा किया। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की गाड़ी रोकने के बाद उन्हें वापस लौटकर सभी छात्रों को डिग्रियां बांटनी पड़ीं, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में बुधवार को हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय जनसंचार एवं पत्रकारिता (HJU) के तीसरे दीक्षांत समारोह के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला और कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा को छात्रों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। विवाद तब शुरू हुआ जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंच से केवल 12 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को ही डिग्रियां प्रदान कीं और अन्य छात्रों को नजरअंदाज करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा कर दी।

गोल्ड मेडलिस्ट तक सीमित रही प्रक्रिया और छात्रों का आक्रोश

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से केवल 12 विशिष्ट योग्यता प्राप्त छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इसके तुरंत बाद आयोजकों ने कार्यक्रम समाप्त करने के संकेत दिए, जिससे वहां मौजूद अन्य सैकड़ों छात्र भड़क गए और छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें दीक्षांत समारोह में बुलाकर अपमानित किया गया है। आक्रोशित छात्रों ने सभागार के भीतर ही नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यक्रम के आधिकारिक दस्तावेजों और कागजों को फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।

उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने प्रदर्शन और सुरक्षा घेरा

गोल्ड मेडलिस्ट को डिग्री देने के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा कार्यक्रम स्थल से निकलने के लिए अपनी कार में बैठ चुके थे और हालांकि, नाराज छात्र उनकी गाड़ी के सामने आकर लेट गए और रास्ता जाम कर दिया। छात्रों की मांग थी कि जब तक सभी को मंच से डिग्री नहीं दी जाती, वे वहां से नहीं हटेंगे। सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों के बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए उपमुख्यमंत्री को अपनी गाड़ी से उतरकर वापस सभागार में लौटना पड़ा।

छात्रा की तीखी टिप्पणी और दोबारा शुरू हुआ वितरण

सभागार में वापस लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री ने मंच से बाकी छात्रों को डिग्रियां बांटना शुरू किया। इस दौरान एक छात्रा ने डिग्री लेते समय उपमुख्यमंत्री से कहा कि एचजेयू का बेइज्जती करके इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। यह टिप्पणी सोशल मीडिया और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। छात्रों का कहना था कि दीक्षांत समारोह हर विद्यार्थी के लिए गौरव का क्षण होता है, लेकिन केवल कुछ छात्रों को मंच पर बुलाना और बाकियों को छोड़ देना भेदभावपूर्ण था।

अव्यवस्था और प्रशासनिक चूक पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारियों और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें डिग्री वितरण की प्रक्रिया के बारे में पहले से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और हरिभाऊ बागडे भी उपस्थित थे। अंततः सभी उपस्थित छात्रों को डिग्री मिलने के बाद ही विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ और उपमुख्यमंत्री वहां से रवाना हो सके।