जयपुर जिले के आगामी निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं और इसी क्रम में सोमवार को जयपुर कलेक्ट्रेट में नगर निगम के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस लॉटरी के माध्यम से जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों का भविष्य तय हो गया है कि कौन सा वार्ड किस श्रेणी के लिए आरक्षित रहेगा। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से वार्डों का आवंटन किया गया।
वार्डों का श्रेणीवार आरक्षण विवरण
जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के लिए निकाली गई इस लॉटरी में विभिन्न वर्गों के लिए सीटों का निर्धारण किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल 150 वार्डों में से अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह, अनुसूचित जाति यानी एससी के लिए 20 वार्ड और अनुसूचित जनजाति यानी एसटी के लिए 6 वार्ड आरक्षित रखे गए हैं। यह आरक्षण व्यवस्था स्थानीय निकाय चुनावों में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
महिलाओं के लिए 50 वार्ड आरक्षित
इस बार के निकाय चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया गया है। लॉटरी के परिणामों के अनुसार, जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि आगामी बोर्ड में कम से कम 50 महिला पार्षद चुनकर आएंगी। इन 50 महिला वार्डों के विभाजन को देखें तो अनारक्षित महिला श्रेणी के लिए 31 वार्ड रिजर्व किए गए हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण महिला सशक्तिकरण और स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनारक्षित और ओपन वार्डों की स्थिति
आरक्षित श्रेणियों के अलावा, लॉटरी में अनारक्षित ओपन वार्डों की संख्या भी स्पष्ट हो गई है। जयपुर नगर निगम में कुल 63 वार्ड अनारक्षित ओपन रखे गए हैं, जहां किसी भी श्रेणी का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। इस प्रकार 150 वार्डों का पूरा गणित इस प्रकार है: 63 वार्ड अनारक्षित ओपन, 31 वार्ड अनारक्षित महिला, 30 वार्ड ओबीसी, 20 वार्ड एससी और 6 वार्ड एसटी के लिए निर्धारित किए गए हैं। जयपुर कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई इस लॉटरी प्रक्रिया के बाद अब चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो गई है और सभी 150 वार्डों की सूची तैयार है।
