कोलकाता में बड़ा हादसा: चोरबागान दुर्गा पंडाल में मची भगदड़ से 18 की मौत, 45 घायल

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में शनिवार शाम भारी बारिश से बचने के लिए जमा हुई भीड़ के दौरान मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई और 45 से अधिक घायल हो गए। हादसे को लेकर चश्मदीदों ने प्रशासन और पूजा समिति की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बड़ा और भीषण हादसा सामने आया है। शनिवार शाम को कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में मची भगदड़ के दौरान 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे में 3 पुरुष, 13 महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। हालांकि, दूसरी तरफ कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों की ओर से यह दावा किया गया है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या 20 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा इस भयावह दुर्घटना में 45 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उल्लेखनीय है कि यह चोरबागान दुर्गा पंडाल पिछले 91 साल से लगातार आयोजित किया जा रहा है और यहां हर साल की तरह इस बार भी भारी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे।

बारिश और नए दर्शकों की भीड़ बनी हादसे की वजह

कोलकाता पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार शनिवार शाम अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई थी। बारिश से खुद को बचाने और बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग दौड़कर इस पंडाल के अंदर आकर रुक गए थे। इसी दौरान शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर नए दर्शकों के पंडाल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश शुरू हुई। इसी प्रक्रिया के बीच अचानक धक्का-मुक्की होने लगी और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे वहां भयानक भगदड़ मच गई। इस अचानक हुई भगदड़ से पंडाल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पंडाल की लाइटें बंद और एहतियातन अन्य पंडाल भी बंद

इस दुखद हादसे के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर पंडाल की सभी लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों की एंट्री पूरी तरह से रोक दी गई और इस घटना के बाद शहर के कई अन्य दुर्गा पूजा पंडालों को भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिया गया है ताकि किसी अन्य अनहोनी से बचा जा सके। बंगाल सरकार ने इस भयानक दुर्घटना से प्रभावित होने वाले लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 भी जारी किया है, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

चश्मदीदों की जुबानी हादसे का खौफनाक मंजर

घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय चश्मदीद ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि हादसा इतना भयानक था कि पांच लोग ठीक मेरी आंखों के सामने जमीन पर गिर पड़े थे और हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद सभी लोगों के बीच भारी डर और भ्रम का माहौल बन गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन स्थल पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन या समिति की ओर से कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। चश्मदीद के अनुसार जब पंडाल के कुछ हिस्से पर दबाव पड़ा और लोग गिरे, तो भगदड़ के दौरान खुद को बचाने के लिए लोग एक-दूसरे के ऊपर से भाग रहे थे। जो लोग जमीन पर नीचे गिर गए थे, उनके ऊपर से भीड़ निकलती चली गई और उन्होंने साफ कहा कि अगर मौके पर सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के जरूरी इंतजाम किए गए होते, तो शायद इतने सारे बेकसूर लोगों की जान नहीं जाती।

पुलिस की गाड़ी होने के बावजूद मदद न मिलने का आरोप

एक अन्य स्थानीय चश्मदीद ने बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मौके पर हजारों स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन इस जानलेवा हादसे में घायल होने वाले लोगों की मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया। उसके मुताबिक कोलकाता पुलिस की एक आधिकारिक गाड़ी भी घटनास्थल के बिल्कुल पास खड़ी हुई थी, इसके बावजूद स्थानीय लोगों को खुद आगे आकर घायलों की मदद करनी पड़ी। उसने यह भी बड़ा दावा किया कि हादसे के समय पूजा समिति का एक भी सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने वहां एंबुलेंस की व्यवस्था पर भी बहुत तीखे सवाल उठाए हैं और उनका यह स्पष्ट आरोप है कि इतने बड़े विशाल आयोजन के बावजूद वहां एक भी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी, जो वहां की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और आयोजन की तैयारियों को लेकर की गई भारी लापरवाही को साफ तौर पर दर्शाता है।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जताया गहरा शोक

फिलहाल मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों और पुलिस की शुरुआती जांच के आधार पर हादसे के दौरान बने हालातों की एक पूरी तस्वीर सामने आ रही है। घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की त्वरित मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। लोगों का बार-बार यही दावा है कि पूजा पंडाल के पास लोगों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई भी जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण मृतकों की यह संख्या इतनी अधिक हो गई। इस दुखद हादसे पर देश की महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गहरा दुख जताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि कोलकाता में मची भगदड़ अत्यंत दुखद है और मेरी पूरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कामना की कि सभी घायल लोग जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।