प्रताप जयंती / लॉकडाउन के कायदों में क्षत्रिय युवक संघ ने महाराणा प्रताप जयंती मना परम्पराओं को दी परवाज

Zoom News : May 09, 2020, 05:59 PM

जयपुर | सतोगुणीय विचारधारा के साथ क्षत्रिय युवाओं में संस्कार निर्माण के लिए 1946 से काम कर रहे क्षत्रिय युवक संघ ने महाराणा प्रताप जयंती का अनूठा आयोजन कर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परम्पराओं को विशिष्ट मुकाम दिया। लॉकडाउन के चलते आयोजनों पर पाबंदी के बीच जयंती कार्यक्रम का वर्चुअल कार्यक्रम हुआ और उसमें जुड़े हजारों स्वंयसेवक परिवार। ये परिवार संघ के कायदों और कानूनी आदेशों की पालना में इस आयोजन को मनाते उत्साहित और उल्लासित नजर आए। जयपुर स्थित संघशक्ति कार्यालय में शुरू हुए एकाकी आयोजन का फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से प्रसारण के साथ सभी जगह ठीक 11 बजे यह कार्यक्रम शुरू हुआ। इस आयोजन में राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश समेत पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में मौजूद स्वयंसेवक भले लॉकडाउन में थे, लेकिन अपने आपको जोड़ने से नहीं रुके। एक घंटे के आयोजन में प्रार्थना, महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि, गायन और सम्बोधन हुआ।

सरवड़ी ने दिया सम्बोधन

क्षत्रिय युवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक महावीरसिंह सरवड़ी ने महाराणा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने सम्बोधन में महाराणा प्रताप से जुड़े मिथकों पर ऐतिहासिक तथ्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि कुछ कपोल कल्पनाएं भी जोड़ दी गईं, लेकिन महाराणा प्रताप उत्तम चरित्र के साथ सशक्त साम्राज्य के स्वामी होने के साथ जाति—वर्ग—धर्म जैसे भेदभावों से परे चरित्र थे। क्षत्रिय युवक संघ हमें ऐसे ही सतोगुणी मनोवृति की शिक्षा देता है। सरवड़ी ने बताया कि महाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी संवत के अनुसार भी मनाते हैं। परन्तु इस बार कोरोना महामारी के तकनीक के माध्यम से जुड़े हैं और ईस्वी संवत की तिथि पर यह आयोजन किया है। विक्रमी संवत को भी समाज के कई संगठन इस तरह के अनूठे आयोजन करेंगे।

नेता भी जुड़े

इस लाइव आयोजन में बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री और राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उप नेता राजेन्द्र राठौड़, पुष्कर विधायक  सुरेश  रावत, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रवणसिंह शेखावत बगड़ी, क्षात्र पुरुषार्थ फाउण्डेशन के संयोजक यशवर्धनसिंह शेखावत समेत कई लोगों ने लाइव जुड़कर अपने आपको ऐतिहासिक परम्पराओं के इस अनूठे आयोजन का साक्षी बनाया।

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