LA28 ओलंपिक क्रिकेट: टीम इंडिया समेत 4 देशों ने किया क्वालिफाई, पाकिस्तान को झटका

लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी हो रही है। भारतीय महिला टीम ने सीधे क्वालिफाई कर लिया है, जबकि पाकिस्तान को सीधा प्रवेश नहीं मिला है। आईसीसी ने क्वालिफिकेशन का पूरा रोडमैप जारी कर दिया है।

खेल जगत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है क्योंकि 128 साल के लंबे इंतजार के बाद क्रिकेट की ओलंपिक के मंच पर वापसी होने जा रही है। साल 2028 में अमेरिका के लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों (LA28) में क्रिकेट को टी20 फॉर्मेट में शामिल किया गया है। सोमवार 29 जून को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने संयुक्त रूप से इस आयोजन के लिए क्वालिफिकेशन रोडमैप का ऐलान किया। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि भारतीय महिला टीम ने इस मेगा इवेंट के लिए सीधे तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली है।

128 साल बाद क्रिकेट की वापसी का इतिहास

ओलंपिक खेलों में क्रिकेट का इतिहास बहुत पुराना है लेकिन यह केवल एक बार ही खेला गया है। आखिरी बार साल 1900 के ओलंपिक में क्रिकेट का मुकाबला हुआ था, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस की टीमें आमने-सामने थीं। उसके बाद से क्रिकेट को ओलंपिक से बाहर रखा गया था और अब 128 साल बाद टी20 फॉर्मेट की लोकप्रियता को देखते हुए इसे फिर से शामिल किया गया है। लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 6-6 टीमें हिस्सा लेंगी। इस दौरान कुल 28 मैच खेले जाएंगे और इन सभी मैचों को आईसीसी द्वारा आधिकारिक टी20 अंतरराष्ट्रीय का दर्जा प्राप्त होगा।

महिला वर्ग: भारत को मिली सीधी एंट्री

महिला क्रिकेट इवेंट के लिए क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और कुल 6 स्लॉट में से 4 टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के आधार पर सीधे क्वालिफाई कर लिया है। यह फैसला आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के प्रदर्शन और क्षेत्रीय वर्चस्व के आधार पर लिया गया है। सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमें इस प्रकार हैं:

  • भारत (एशिया क्षेत्र से सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में)
  • ऑस्ट्रेलिया (ओशेनिया क्षेत्र से)
  • साउथ अफ्रीका (अफ्रीका क्षेत्र से)
  • ग्रेट ब्रिटेन/इंग्लैंड (यूरोप क्षेत्र से)
इन चार टीमों को उनके महाद्वीपीय क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ होने के कारण सीधा प्रवेश मिला है। यही कारण है कि एशिया से पाकिस्तान और ओशेनिया से न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों को सीधा प्रवेश नहीं मिल सका है। उन्हें अब अन्य रास्तों से ओलंपिक का टिकट हासिल करना होगा।

पुरुष वर्ग: रैंकिंग बनेगी आधार

पुरुषों के इवेंट के लिए क्वालिफिकेशन का नियम थोड़ा अलग रखा गया है। इसमें आईसीसी टी20 रैंकिंग को मुख्य आधार बनाया गया है। आईसीसी ने इसके लिए 31 दिसंबर 2026 की तारीख तय की है। इस तारीख तक एशिया, अफ्रीका, यूरोप और ओशेनिया के चार अलग-अलग क्षेत्रों में जो टीमें अपनी-अपनी रैंकिंग में शीर्ष पर रहेंगी, उन्हें सीधे ओलंपिक में प्रवेश दिया जाएगा। इसका मतलब है कि अगले दो सालों तक टीमों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी ताकि वे 31 दिसंबर 2026 तक अपने क्षेत्र की नंबर 1 टीम बन सकें।

मेजबान अमेरिका के लिए कड़ी शर्त

मेजबान होने के नाते अमेरिका को 5वीं टीम के रूप में सीधे प्रवेश मिल सकता है, लेकिन इसके लिए आईसीसी ने एक अनिवार्य शर्त रखी है। अमेरिका की पुरुष और महिला दोनों टीमों को क्वालिफिकेशन की अंतिम समय सीमा तक आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप 15 टीमों के भीतर अपनी जगह बनानी होगी। अगर अमेरिका की टीमें टॉप 15 में जगह बनाने में नाकाम रहती हैं, तो वह स्लॉट उस टीम को दे दिया जाएगा जिसकी वैश्विक रैंकिंग सबसे बेहतर होगी, चाहे वह किसी भी महाद्वीप की क्यों न हो।

छठी टीम के लिए होगा क्वालिफायर

ओलंपिक में छठी और अंतिम टीम का फैसला साल 2027 में होने वाले ओलंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए होगा। इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से 7 टीमों का चयन आईसीसी रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। 8वीं टीम कैरेबियाई देशों से होगी। ओलंपिक में वेस्टइंडीज को एक संयुक्त टीम के रूप में मान्यता नहीं दी जाती है, इसलिए कैरेबियाई देशों के बीच पहले एक अलग क्वालिफायर खेला जाएगा। उस क्वालिफायर को जीतने वाली टीम 2027 के मुख्य ओलंपिक क्वालिफायर में शामिल होगी। जो टीम इस 8 टीमों वाले मुख्य क्वालिफायर को जीतेगी, वही लॉस एंजेलिस ओलंपिक की छठी टीम बनेगी।