भारत में हाइब्रिड कारों की बढ़ती मांग को देखते हुए महिंद्रा एंड महिंद्रा अब इस सेगमेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही है और वर्तमान में भारतीय बाजार में हाइब्रिड वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है क्योंकि ये पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में बेहतर माइलेज प्रदान करती हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह इन्हें बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। महिंद्रा अपनी आगामी एसयूवी श्रृंखला में XUV 7XO और XEV 9e जैसे मॉडलों के साथ हाइब्रिड और रेंज एक्सटेंडर तकनीक पेश करने पर विचार कर रही है।
हाइब्रिड बाजार में टोयोटा का वर्चस्व और अन्य प्रतिस्पर्धी
मौजूदा समय में भारतीय हाइब्रिड कार बाजार में टोयोटा का एकतरफा दबदबा बना हुआ है। कंपनी की टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस, टोयोटा अर्बन क्रूज़र हाइब्रिडर और टोयोटा कैमरी जैसी गाड़ियां ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। टोयोटा के अलावा मारुति सुजुकी और होंडा मोटर कंपनी भी इस सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ रखती हैं। आने वाले वर्षों में हुंडई, किआ, रेनॉल्ट और महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां भी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं।
महिंद्रा XUV 7XO हाइब्रिड की विशेषताएं
महिंद्रा की आगामी हाइब्रिड एसयूवी, XUV 7XO, मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा हाइब्रिडर की तर्ज पर पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के संयोजन वाले हाइब्रिड सिस्टम से लैस होगी। कंपनी अपनी मौजूदा ICE-पावर्ड (Internal Combustion Engine) एसयूवी रेंज में भी इसी मजबूत हाइब्रिड पावरट्रेन का उपयोग करने की योजना बना रही है। XUV 7XO इस तकनीक को अपनाने वाले शुरुआती मॉडलों में से एक होगी। वर्तमान में W613 कोडनेम वाले इस मॉडल की टेस्टिंग जारी है और इसे 2027 तक लॉन्च किया जा सकता है।
महिंद्रा XEV 9e और रेंज-एक्सटेंडर तकनीक
महिंद्रा अपने नए INGLO प्लेटफॉर्म पर आधारित इलेक्ट्रिक एसयूवी के लिए रेंज-एक्सटेंडर तकनीक विकसित कर रही है और महिंद्रा XEV 9e इस विशेष सेटअप के साथ आने वाला ब्रांड का पहला इलेक्ट्रिक वाहन होने की संभावना है। रेंज-एक्सटेंडर तकनीक लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बैटरी खत्म होने की चिंता को कम करने में सहायक होगी। W623 कोडनेम वाले इस मॉडल के 2028 में बाजार में उतरने की संभावना जताई जा रही है।
