मुंबई के निकटवर्ती मुंब्रा क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने ही प्रेमी की नृशंस हत्या कर दी। इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा मुंब्रा पुलिस ने अत्यंत कुशलता और तकनीकी जांच के माध्यम से किया है। इस पूरे हत्याकांड में महिला का साथ उसके पति और भाई ने दिया, जिसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक ड्रम में भरकर नाले में फेंक दिया गया था। पुलिस की सक्रियता और मोबाइल लोकेशन के सटीक विश्लेषण ने इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में मुख्य भूमिका निभाई है और इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस अब इस मामले के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
घटना की शुरुआत 3 अगस्त 2026 को हुई, जब मुंब्रा इलाके का निवासी अरबाज मकसूद अली खान अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह दादर में काम पर जा रहा है। हालांकि, जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा और उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उसके परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर अरबाज की काफी तलाश की, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी और अरबाज का फोन भी बंद आ रहा था, जिससे अनहोनी की आशंका और बढ़ गई। अंततः, अरबाज के पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपने बेटे की गुमशुदगी की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्य का विश्लेषण
शिकायत दर्ज होने के बाद मुंब्रा पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले अरबाज के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और उसकी लोकेशन खंगालनी शुरू की। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला कि अरबाज की आखिरी लोकेशन वर्सोवा इलाके में दर्ज की गई थी। इसी दौरान, पुलिस ने अरबाज के संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच की, जिसमें उसकी प्रेमिका मेहजबीन शेख का नाम सामने आया। चौंकाने वाली बात यह थी कि जिस समय अरबाज वर्सोवा में था, उसी समय मेहजबीन की लोकेशन भी उसी इलाके में पाई गई और इस तकनीकी साक्ष्य ने पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया और जांच की दिशा मेहजबीन की ओर मुड़ गई।
पूछताछ और खौफनाक हत्याकांड का खुलासा
संदेह के आधार पर पुलिस ने मेहजबीन शेख को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। शुरुआत में, मेहजबीन ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और जांच को भटकाने के लिए कई मनगढ़ंत कहानियां सुनाईं। हालांकि, जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य उसके सामने रखे और सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने इस पूरे हत्याकांड का खौफनाक सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि उसने अपने पति हसन और भाई तारिक शेख के साथ मिलकर अरबाज की हत्या की पूरी साजिश रची थी। इस खुलासे ने पुलिस को भी हैरान कर दिया कि कैसे एक महिला ने अपने परिवार के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
हत्या की साजिश और वारदात का तरीका
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य अरबाज से फिरौती वसूलना था। साजिश के तहत, आरोपियों ने अरबाज को पैसे के बहाने वर्सोवा बुलाया। जब अरबाज वहां पहुंचा और आरोपियों को उनकी मांग के अनुसार पैसे नहीं मिले, तो स्थिति हिंसक हो गई। आरोपियों ने अरबाज के हाथ बांध दिए और प्लास्टिक के पाइप से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। इस हमले में अरबाज गंभीर रूप से घायल हो गया और अंततः उसकी मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के बाद, सबूतों को मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को एक हरे रंग के ड्रम में भरा और उसे मुंब्रा के एक सुनसान नाले में फेंक दिया ताकि किसी को कानों-कान खबर न हो सके।
गिरफ्तारी और फरार आरोपियों की तलाश
मुंब्रा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला मेहजबीन शेख और उसके भाई तारिक शेख को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस अपराध में शामिल महिला का पति हसन और उसका एक अन्य साथी मुजम्मल पठान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस ने इन फरार आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
वर्तमान में मुंब्रा पुलिस की टीमें फरार आरोपियों हसन और मुजम्मल पठान की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाना एक बड़ी सफलता है। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि इस जघन्य अपराध के सभी पहलुओं को पूरी तरह से स्पष्ट किया जा सके और फरार आरोपियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल था।
