दिल्ली आग / गांव से भागकर दिल्ली कमाने गया था नवीन, अब घरवालों को मिली मौत की खबर

दिल्ली में रविवार को बैग फैक्ट्री में लगी आग से 45 लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक शख्स बिहार के बेगूसराय का भी है, जिसकी मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया। घर से दिल्ली भागने के बाद वो वहां एक बैग फैक्ट्री में मजदूर का काम करता था, लेकिन रविवार को हुए हादसे में उसकी भी मौत हो गई। मृतकों में नवीन कुमार की भी पहचान हुई। अपने भाई की लाश देखकर दोनों भाई बिलख पड़े।

बेगूसराय | दिल्ली में रविवार को बैग फैक्ट्री में लगी आग से 45 लोगों की जान चली गई। इस घटना में मारे गए मजदूरों में से सबसे ज्यादा बिहार के हैं। सूबे के 30 मजदूरों को इस अनहोनी में अपनी जान गंवानी पड़ी है। मृतकों में एक शख्स बिहार के बेगूसराय का भी है, जिसकी मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया।

बेगूसराय जिले के छौड़ाही थाना अंतर्गत बड़ीजाना गांव निवासी राजेंद्र राम का पुत्र नवीन कुमार कुछ दिन पूर्व ही अपने घर से भागकर दिल्ली गया था। घर से दिल्ली भागने के बाद वो वहां एक बैग फैक्ट्री में मजदूर का काम करता था, लेकिन रविवार को हुए हादसे में उसकी भी मौत हो गई। मृतक नवीन कुमार की मां रीता देवी ने बताया कि उसके तीन पुत्र हैं। दो पुत्र पूर्व से ही दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे और कुछ दिन पहले नवीन कुमार भी घर से भागकर दिल्ली चला गया था और बैग फैक्ट्री में काम कर रहा था।

भाई ने की पहचान

रविवार को जब नवीन कुमार के अन्य भाइयों को पता चला कि फैक्ट्री में आग लगी है तो वे लोग आशंका से फैक्ट्री पहुंचे, जहां मृतकों में नवीन कुमार की भी पहचान हुई। अपने भाई की लाश देखकर दोनों भाई बिलख पड़े। इसके बाद उनके दोस्तों ने बेगूसराय में रह रहे परिवारवालों को इस घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही परिवार समेत पूरे गांव में मातम पसर गया है। मृतक की मां को यकीन नहीं हो रहा था कि उनका छोटा बेटा नवीन अब उनके बीच नहीं है।

बिहार के 30 मजदूरों की मौत

मालूम हो कि इस घटना में अब तक बिहार के तीस मजदूर मारे गए हैं। मृतकों में समस्तीपुर जिले से 10, सहरसा जिले से 6, सीतामढ़ी जिले से पांच, मुजफ्फरपुर जिले से तीन, मधुबनी के एक, बेगूसराय के एक, अररिया से दो और दरभंगा से दो मजदूर शामिल हैं। रविवार को जैसे ही मृतकों के परिजनों को दिल्ली में हुए हादसे की खबर मिली सभी लोगों को कुछ अनहोनी की आशंका सता रही थी लेकिन किसी का फोन से संपर्क नहीं हो पा रहा था। शाम-शाम तक बिहार के 30 मजदूरों के मौत की पुष्टि हुई।

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