नेपाल में भूकंप के दो झटके: मुगु जिले में 4.5 और 4.2 की तीव्रता से कांपी धरती

नेपाल के मुगु जिले में 4.5 और 4.2 तीव्रता के दो भूकंपीय झटके दर्ज किए गए, जिनका असर डोल्पा और जुम्ला तक देखा गया। इसी दौरान राजस्थान के झालावाड़ जिले में भी तीन बार धरती कांपी, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और एहतियात के तौर पर एक स्कूल को बंद करना पड़ा।

उत्तर-पश्चिमी नेपाल में लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों द्वारा बुधवार को साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन भूकंपों का केंद्र मुगु जिले के कलाई क्षेत्र के आसपास स्थित था। 5 मापी गई। यह भूकंप स्थानीय समयानुसार मंगलवार देर रात 1 बजकर 51 मिनट पर दर्ज किया गया था। 2 दर्ज की गई।

नेपाल में भूकंप का केंद्र और क्षेत्रीय प्रभाव

भूकंप का मुख्य केंद्र मुगु जिले का कलाई क्षेत्र रहा, लेकिन इसके झटके केवल यहीं तक सीमित नहीं थे और पड़ोसी जिलों डोल्पा और जुम्ला में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। हालांकि, राहत की बात यह है कि इन झटकों से अभी तक किसी के हताहत होने या जान-माल के बड़े नुकसान की कोई तत्काल सूचना प्राप्त नहीं हुई है। नेपाल भौगोलिक रूप से एक बेहद सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर इस तरह की गतिविधियां देखी जाती हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित आफ्टरशॉक या इमारतों में होने वाले नुकसान पर नजर रखी जा सके।

राजस्थान के झालावाड़ में भूकंप के तीन झटके

नेपाल के साथ-साथ भारत के राजस्थान राज्य के झालावाड़ जिले में भी भूकंपीय हलचल देखी गई। मंगलवार सुबह जिले के पिड़ावा ब्लॉक में भूकंप के तीन हल्के झटके महसूस किए गए। इन झटकों का सबसे ज्यादा असर नोलाई ग्राम पंचायत के नोलाई सहित चार-पांच गांवों में देखा गया। सुबह करीब 7:15 बजे से 9:50 बजे के बीच नोलाई, बरखेड़ी, खजूरी, नापाखेड़ी और आवर गांव में तीन बार कंपन महसूस किया गया। इन झटकों के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

स्कूल में मची अफरा-तफरी और सुरक्षा उपाय

भूकंप के झटकों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए और नोलाई स्थित एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में जब कंपन महसूस किया गया, तो एहतियात के तौर पर छात्रों और कर्मचारियों को तुरंत इमारत से बाहर निकालकर खुले मैदान में ले जाया गया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि कंपन इतना तेज था कि कुछ घरों में रखे बर्तन भी गिर गए। कुछ मकानों में मामूली दरारें आने की भी खबरें मिली हैं, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि ये दरारें ताजी हैं या पहले से मौजूद थीं।

प्रशासनिक मुस्तैदी और जमीनी स्थिति का जायजा

घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार धनराज गोचर और पिड़ावा थाना प्रभारी रामपाल यादव ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी इमारत के गिरने की कोई खबर नहीं है और वर्तमान में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। पटवारी और राजस्व अधिकारियों को गांवों में तैनात किया गया है ताकि वे स्थिति पर निरंतर निगरानी रख सकें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचा सकें।