पटना के दीदारगंज में तेल गोदाम में भीषण आग, 24 दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात

पटना के दीदारगंज क्षेत्र में एक बड़े तेल और रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दो दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां पिछले 6 घंटों से आग बुझाने के कार्य में जुटी हुई हैं।

बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है, जहां एक विशाल गोदाम में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है। यह घटना पटना के दीदारगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महुली रोड पर रविवार की देर रात तड़के घटित हुई। यहां स्थित एक बड़े तेल, रिफाइंड और डालडा के गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस गोदाम में डालडा, रिफाइंड और सरसों के तेल का बहुत ही भारी मात्रा में भंडारण किया गया था, जिसके कारण आग ने तेजी से पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।

आग की भयावहता और प्रारंभिक विवरण

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की यह घटना रात के करीब 1 बजे के आसपास हुई थी। आग इतनी भयावह थी कि इसकी लपटें दूर-दूर से देखी जा सकती थीं। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को चारों तरफ से घेर लिया। बताया जा रहा है कि इस गोदाम की महत्ता बहुत अधिक थी क्योंकि यहां से पूरे बिहार राज्य में डालडा, रिफाइंड और सरसों तेल की बड़े पैमाने पर सप्लाई की जाती थी। इस भीषण अग्निकांड की वजह से गोदाम में रखा लाखों रुपये मूल्य का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। आग लगने के बाद एक और बड़ी समस्या तब खड़ी हुई जब गोदाम के भीतर रखा तेल बहकर सड़क पर आने लगा, जिससे आसपास की सड़कों पर भारी फिसलन हो गई और आवाजाही में खतरा पैदा हो गया।

राहत एवं बचाव कार्य में जुटी दमकल की टीमें

जैसे ही दीदारगंज थाना पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद एक-एक करके दो दर्जन से अधिक यानी 24 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मी पिछले 6 घंटे से भी अधिक समय से लगातार आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। हालांकि, तेल और डालडा जैसे ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घटना के 6 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो पाई थी और दमकल की टीमें लगातार पानी की बौछारें कर रही हैं।

आग लगने का संभावित कारण और सुरक्षा उपाय

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही की जा सकेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है ताकि कोई भी अनहोनी न हो। सड़क पर तेल बहने के कारण पैदा हुई फिसलन को देखते हुए यातायात को भी नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासनिक जांच और नुकसान का आकलन

इस भीषण अग्निकांड से आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आम जनता से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और बचाव कार्य में बाधा न डालें और पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें अभी भी मौके पर डटी हुई हैं और उनका प्राथमिक लक्ष्य आग को पूरी तरह से बुझाना है। प्रशासन द्वारा इस घटना से हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है और साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।