कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश की राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की है। अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को लेकर और दुष्यंत गौतम की हालिया नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हुए हैं। राहुल गांधी का वहां पहुंचना इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर उनकी मांगों को अपना समर्थन दिया है।
इंडिया गेट पर धरना और मुख्य मांगें
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की अटूट मांग को लेकर उनके माता-पिता उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचे हैं। वे इंडिया गेट जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर बैठकर सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी इस लड़ाई में अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो गए हैं। दरअसल, अंकिता भंडारी के माता-पिता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को दर्ज कराने के लिए उन्होंने इंडिया गेट पर अपना डेरा डाला हुआ है। परिवार का मानना है कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का घटनाक्रम
साल 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही उत्तराखंड सहित पूरे देश में न्याय की मांग उठती रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी साल फरवरी के महीने में इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री की इस सिफारिश का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना था ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
सीबीआई जांच और हालिया पूछताछ
मुख्यमंत्री द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद भी जांच की प्रक्रिया में लंबा समय लगा। लगभग 8 महीने के लंबे इंतजार के बाद, हाल ही में दिल्ली से सीबीआई के 2 अधिकारी पौड़ी जिले में स्थित अंकिता के पैतृक गांव पहुंचे थे। वहां पहुंचकर सीबीआई की टीम ने अंकिता के माता-पिता से कई घंटों तक गहन पूछताछ की। यह पूछताछ उस समय हुई है जब परिवार लगातार जांच की गति और दिशा पर सवाल उठा रहा है और परिवार का आरोप है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर करने में देरी की जा रही है।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर विवाद और कांग्रेस का प्रदर्शन
अंकिता के परिवार और कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मामले में दुष्यंत गौतम का नाम बार-बार लिया जा रहा है। उन पर इस मामले से जुड़े उस वीआईपी होने का आरोप लगाया गया है, जिसकी चर्चा शुरुआत से ही होती रही है। अब उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद विरोध और तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस नियुक्ति के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और सीडब्ल्यूसी सदस्य गणेश गोदियाल ने देहरादून के गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने 1 घंटे का प्रतीकात्मक मौन रखा था। गणेश गोदियाल का यह मौन व्रत सरकार के फैसले के प्रति विरोध और अंकिता के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए था।
