SI Recruitment Rajasthan / राजस्थान सरकार रद्द नहीं करेगी SI भर्ती: हाईकोर्ट में पेश हुआ जवाब, 40 ट्रेनी एसआई सस्पेंड

राजस्थान सरकार ने SI भर्ती परीक्षा-2021 रद्द करने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट में पेश जवाब में सरकार ने बताया कि पेपर लीक मामले में 40 ट्रेनी एसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। याचिकाकर्ता ने सरकार के जवाब को गोलमोल बताते हुए इसका विरोध किया है।

राजस्थान सरकार ने सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द करने से इनकार कर दिया है। गुरुवार, 9 जनवरी को राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश किया। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने यह जवाब पेश करते हुए बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों की जांच जारी है और अब तक पेपर लीक में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

याचिकाकर्ताओं का विरोध

सरकार की ओर से पेश किए गए जवाब पर याचिकाकर्ता के वकील हरेन्द्र नील ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि सरकार का जवाब स्पष्ट नहीं है और वह मामले को गोलमोल करने की कोशिश कर रही है। नील ने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर गुमराह कर रही है और वे कोर्ट में इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

सरकार का पक्ष: 40 ट्रेनी एसआई सस्पेंड

सरकार ने अपने जवाब में कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच चल रही है। अब तक पेपर लीक मामले में कई डमी कैंडिडेट्स और नकलचियों को गिरफ्तार किया गया है।

सरकार ने यह भी बताया कि मामले में 40 ट्रेनी एसआई को निलंबित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया कि पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे भी जांच जारी रहेगी। लेकिन फिलहाल भर्ती को रद्द करने जैसा बड़ा कदम उठाना संभव नहीं है।

हाईकोर्ट ने लगाई थी पोस्टिंग पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने 18 नवंबर 2024 को एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के तहत चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग पर रोक लगा दी थी। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने आदेश दिया था कि ट्रेनी एसआई की पासिंग आउट परेड और पोस्टिंग प्रक्रिया पर यथास्थिति बनाए रखी जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने कुछ ट्रेनी एसआई को पोस्टिंग दे दी थी। हालांकि, जिन ट्रेनी एसआई को पोस्टिंग मिली थी, उन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया।

क्या है पेपर लीक मामला?

सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 का पेपर लीक होने के बाद यह मामला सामने आया था। जांच एजेंसी एसओजी ने खुलासा किया कि परीक्षा में कई डमी कैंडिडेट्स को बैठाया गया था।

एसओजी की जांच में पाया गया कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा करके सरकारी नौकरी हासिल कर ली। अब तक करीब 50 ट्रेनी एसआई को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 25 अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भर्ती को रद्द नहीं करेगी। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में जल्द होने की संभावना है। जस्टिस समीर जैन की अदालत मामले में आगे का निर्णय करेगी।

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