इंडिया / महाराष्ट्र की 'महाभारत' पर बोले संजय राउत- शिवसेना जब चाहे स्थिर सरकार बना सकती है

News18 : Nov 01, 2019, 12:01 PM

मुंबई | महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Election 2019) के परिणाम आने के बाद शिवसेना (Shiv Sena) और बीजेपी (BJP) के बीच सरकार बनाने को लेकर खींचतान खत्म नहीं हो रही है. राज्यसभा सांसद और शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने अपने ताजा बयान में कहा है कि शिवसेना जब चाहे सरकार बना सकती है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद का मुद्दा एक बार फिर उठाया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि सीएम शिवसेना से हो. यह कह कर संजय राउत ने यह साफ जाहिर कर दिया कि आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) को मुख्यमंत्री बनाने के मुद्दे पर अभी भी शिवसेना अडिग है.

स्थिर सरकार बनाने में सक्षम

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार संजय राउत ने कहा कि यदि शिवसेना यह निर्णय ले ले कि सरकार बनानी है तो वो सूबे में स्थिर सरकार बना सकती है. महाराष्ट्र के लोगों का जनादेश इसी आधार पर आया है कि 50-50 के फॉर्मूले पर सरकार का गठन किया जाए. जब जनता तक यह बात पहुंची कि मंत्रिमंडल के लिए 50-50 का फॉर्मूला है, तब उन्होंने यह जनादेश दिया. उन्होंने कहा कि सूबे के लोग यह चाहते हैं कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से हो.

सरकार गठन को लेकर अभी भी खींचतान जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नतीजों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी को 15 निर्दलीय विधायक समर्थन दे सकते हैं. जिससे उसका आंकड़ा 105 से बढ़कर 120 विधायकों तक पहुंच सकता है. माना जा रहा है कि शिवसेना के सपोर्ट ना करने की स्थिति में अगर एनसीपी सदन से वॉक आउट करती है तो विधानसभा की संख्या घटकर 234 हो जाएगी. ऐसे में बीजेपी को बहुमत के लिए महज 118 सदस्य चाहिए. इसके बाद यदि शिवसेना बीजेपी के साथ आती है तो उसकी बारगेनिंग क्षमता कम हो जाएगी.

एकनाथ शिंदे बनाए गए विधायक दल के नेता

बता दें कि गुरूवार सुबह मुंबई में शिवसेना विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे को नेता चुना गया. शिंदे के नाम का प्रस्ताव शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे और वर्ली से विधानसभा चुनाव जीते आदित्य ठाकरे ने रखा. इससे पहले चर्चा थी कि विधायक दल के नेता के लिए आदित्य ठाकरे का नाम प्रस्तावित किया जाएगा, लेकिन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए खुद आदित्य ने एकनाथ शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा. वहीं बुधवार को बीजेपी विधायक दल की हुई बैठक में देवेंद्र फडणवीस को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया था.